रेमन मैग्सैसे अवॉर्ड विजेता एवं देश के पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त टीएन शेषन का चेन्नई में उनके आवास पर रविवार रात को निधन हो गया। उन्हें दिल का दौरा पड़ा था । वह 86 वर्ष के थे। शेषन के निधन की जानकारी पूर्व चुनाव आयुक्त एसवाई कुरैशी ने ट्विटर के माध्यम से दी। कुरैशी ने ट्वीट कर लिखा कि यह जानकारी साझा करते हुए बड़ा दुख हो रहा है कि अब हमारे बीच टीएन शेषन नहीं रहे। उन्होंने कहा कि वह अपने उत्तराधिकारियों के सच्चे आदर्श थे। भगवान से उनकी आत्मा को शांति प्रदान करने के लिए प्रार्थना करता हूं।
पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त शेषन के निधन की जानकारी मिलते ही चुनाव आयोग और राजनीतिक क्षेत्रों में शोक की लहर दौड़ गई। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उनके निधन पर गहरा दुःख प्रकट किया है। उन्होंने उनको एक उत्कृष्ट सिविल सेवक बताया। प्रधानमंत्री ने कहा कि शेषन ने अत्यंत परिश्रम और निष्ठा के साथ भारत की सेवा की। चुनावी सुधारों के प्रति उनके प्रयासों ने हमारे लोकतंत्र को मजबूत और अधिक सहभागी बनाया है। उनके निधन से पीड़ा हुई।
Shri TN Seshan was an outstanding civil servant. He served India with utmost diligence and integrity. His efforts towards electoral reforms have made our democracy stronger and more participative. Pained by his demise. Om Shanti.
— Narendra Modi (@narendramodi) November 10, 2019
देश के मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने भी शेषन के निधन पर गहरा दुःख प्रकट किया है। अरोड़ा ने कहा कि शेषन अपने बाद के सभी मुख्य चुनाव आयुक्तों और चुनाव आयोग के सदस्यों के प्ररेणा स्रोत रहे हैं। देश की चुनाव प्रणाली में सुधार लाने के लिए उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता है।
Saddened by the demise of former Chief Election Commissioner, Shri T N Seshan ji. He played a transformative role in reforming and strengthening India’s electoral institution. The nation will always remember him as a true torchbearer of democracy. My prayers are with his family.
— Amit Shah (@AmitShah) November 10, 2019
वर्ष 1955 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारी शेषन 1990 से लेकर 1996 तक देश के मुख्य चुनाव आयुक्त थे। शेषन को भारत की चुनाव व्यवस्था में सुधार लाने के लिए जाना जाता है। देश की चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए उन्हें रेमन मैगसेसे अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था। वर्ष 1997 में शेषन ने राष्ट्रपति के लिए चुनाव भी लड़ा था हालांकि उन्हें पूर्व राष्ट्रपति आर नारायण से हार का सामना करना पड़ा था।