
-शहर के सबसे महंगे इलाकों में 9 मकान, फ्लैट और बंगलों की मिली जानकारी
-गैंगस्टर के खजांची जय की मां और पत्नी को भी पूछताछ के लिये ले गई पुलिस
- अवैध असलहों के तलाश में भी जय बाजपेई के आलीशान घरों की तलाशी ले सकती है पुलिस
- आरोप : करोड़ों रुपये की बीसी हड़प कर हवाला, सट्टे और मटके का काम
कानपुर। पुलिस के हत्थे चढ़े गैंगस्टर विकास दुबे के खजांची जय बाजपाई से 48 घंटे की पूछताछ के बाद, एसएसपी के आदेश पर काकादेव पुलिस ने अब “खजांची” की पत्नी और मां को भी पूछताछ के लिये घर से उठा लिया है। जय बाजपेई की मां और पत्नी को हिरासत में लेने के लिये सोमवार सुबह हर्ष नगर स्थित “जय विला” पर भारी फोर्स पहुंचा। बता दें कि विकास दुबे से घनिष्टता रखने वाले जय बाजपेयी पांच भाई हैं। इनमे से जय के अलावा एक भाई रजयकांत उर्फ रिंकू है, जो समाजवादी पार्टी का नेता है।
सूत्रों के अनुसार उससे भी पुलिस ने पूछताछ की है। वहीं एक छोटा भाई शोभित है, जो बिना नंबर प्लेट वाली तीन काली लग्जरी कारें विजय नगर में खड़ी करके अपनी 220 सीसी पल्सर से भाग खड़ा हुआ था। इस पूछताछ में और सुरागरसी के बाद पुलिस को विकास दुबे और जय बाजपाई जैसे उसके गुर्गों की 50 करोड़ रुपये से अधिक की अचल संपत्ति की जानकारी मिली है। बता दें की विकास और उसके गुर्गों की सीडीआर की बूते पुलिस जय बाजपेई तक पहुंची थी। उसकी तीन लावारिस कारें मिलने के एक दिन पूर्व ही उसके घर पर छापा मारकर उससे पूछताछ की गई थी।

दर्जनों मकान, बंगले, सैकड़ों बीघा खेती
पुलिस सूत्रों के अनुसार विकास दुबे के “खजांची” जय बाजपेई के पकड़े जाने के बाद से अब तक उसकी एक दर्जन नामी-बेनामी अचल संपत्तियों के बारे में जानकारी मिली है। इन संपत्तियों की कुल कीमत 50 करोड़ के आसपास आंकी जा रही है। इनमें से छह आवासीय संपत्तियां हर्ष नगर और ब्रह्म नगर जैसे शहर के प्राइम इलाके में हैं। वही स्वरूप नगर और तिलक नगर जैसे सबसे पॉश इलाके में जय बाजपेई के तीन से चार फ्लैटों की जानकारी मिली है। इनमें से अधिकांश संपत्तियों में गैंगस्टर विकास दुबे की काली कमाई लगे होने की आशंका है, क्योंकि महज 5 वर्ष पूर्व एक बेहद गरीब परिवार से आये जय बाजपेई द्वारा इतने कम अंतराल में अकूत संपत्ति अर्जित करना संभव नहीं है। जय बाजपेई का एक बंगला प्रसिद्ध पनकी मंदिर के पास होने की जानकारी भी मिली है। जहां पर आशंका जताई जा रही है कि गैंगस्टर विकास दुबे अपने गुर्गों के साथ अक्सर आकर रूकता था इन अचल संपत्तियों में से जय वाजपेई की बेनामी संपत्तियां जिनके नाम हैं, बताया जा रहा है कि वो सब भी विकास दुबे गैंग के सहयोगी या चेले ही हैं। शिवराजपुर, चौबेपुर और बिल्हौर तक मे सैकड़ों बीघा खेती और ज़मीन है। इन सभी संपत्तियों को विकास दुबे और उसके गुर्गों की काली कमाई से खरीदा गया इसी की पूरी आशंका है। इन सभी संपत्तियों की पूरा देवरा दैनिक भास्कर के पास मौजूद है लेकिन पुलिस द्वारा इस पर “मुहर” लगाए जाने के बावजूद ही उसको सार्वजनिक किया जाएगा। वहीं पुलिस सूत्रों ने यह भी बताया विजय नगर में लावारिस हालत में बरामद की गई जय बाजपेई की तीन काली कारों के अलावा उसके पास 8 से 10 लग्जरी और सुपर लग्जरी वाहन है जिनका उपयोग भी विकास दुबे और उसके साथियों द्वारा किया जाता रहा है, इस बात के साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
दुबई, नेपाल, हरयाणा और बाराबंकी से “कारोबार”
गैंगस्टर विकास दुबे के कथित खजांची जय और उसका पूरा परिवार महज 5 वर्ष पूर्व अपने पुराने मकान के नीचे एक छोटी सी पान की गुमटी से गुजर-बसर करते थे। फिर अचानक बिना किसी कार्य-व्यापार के अरबों के मालिक बन गए। जबकि पुलिस सूटों का कहना है कि जय बाजपेई बिना पढ़ा-लिखा, एक ‘अंगूठा टेक’ युवा है। आरोप है कि दिखावे के लिए परिवार ने घर के बगल में दो दुकानों पर जबरन कब्जा करके कर एक्सेसरीज, टीवी और फ्रिज की दुकानें खोल लीं। करोड़ों रुपये की बीसी हड़प कर हवाला, सट्टे और मटके का काम शुरू कर दिया। अपने बेनामी संपत्तियों में आसपस थानों के पुलिसकर्मियों को फ्री में रखता है। किरायेदासरों के भेष में गुंडे रहते हैं। आरोप है कि दस-दस गनर लेकर साथ चलता है। इनमे अधिकांश के असलहे अवैध हैं। वहीं बताया जा रहा है कि जय बाजपेई का मादक पदार्थों का करोबार बाराबंकी और नेपाल से होता है। वहीं हवाले के एरकं का कारोबार हरयाणा और दुबई के कॉन्टैक्ट्स के बूते चलता है।
अवैध असलहों की भी तलाश!
अब खबर है कि अवैध असलहों की तलाश में भी पुलिस जय बाजपेई की प्रॉपर्टीज की तलाशी ली सकती है। बता दें कि जय बाजपाई पर अवैध असलहे रखने के आरोप में थाना बजरिया के अंतर्गत पूर्व में एक एफआईआर भी दर्ज हो चुकी है।










