
नई दिल्ली। वैश्विक स्तर पर आतंकवाद के बदलते स्वरूप को लेकर जारी ‘ग्लोबल टेररिज्म इंडेक्स’ (GTI) 2026 की ताजा रिपोर्ट ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। आंकड़ों के मुताबिक, पड़ोसी देश पाकिस्तान अब दुनिया का सबसे अधिक आतंकवाद प्रभावित देश बन गया है। इस सूची में पाकिस्तान ने बुर्किना फासो को भी पीछे छोड़ते हुए शीर्ष स्थान हासिल किया है। जहां एक तरफ पाकिस्तान अपने ही बोए हुए कांटों का दंश झेल रहा है, वहीं भारत ने आतंकवाद पर लगाम लगाने में दुनिया के सामने एक मिसाल पेश की है।
पाकिस्तान के लिए 10 साल का सबसे बुरा दौर
रिपोर्ट के अनुसार, साल 2025 पाकिस्तान के लिए पिछले एक दशक का सबसे भयावह साल साबित हुआ है। आंकड़ों की जुबानी कहें तो इस दौरान पाकिस्तान में कुल 1,045 आतंकी घटनाएं दर्ज की गईं, जिनमें 1,139 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी। विशेषज्ञों का मानना है कि आतंकवाद को अपनी ‘स्टेट पॉलिसी’ का हिस्सा बनाने का खमियाजा अब पाकिस्तान को भुगतना पड़ रहा है। विशेष रूप से 2021 में अफगानिस्तान में तालिबान की वापसी के बाद से सीमा पार आतंकी गतिविधियों को नई ऊर्जा मिली है।
TTP और BLA ने बढ़ाई मुश्किलें, युद्ध जैसे हालात
रिपोर्ट में इस गिरावट का मुख्य कारण तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) की बढ़ती सक्रियता को बताया गया है। टीटीपी ने अफगान धरती का इस्तेमाल लॉन्चपैड के रूप में करते हुए पाकिस्तान में हमलों की झड़ी लगा दी है, जिसमें 24 प्रतिशत की भारी वृद्धि देखी गई है। इसके अलावा, बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) की सक्रियता और जाफर एक्सप्रेस ट्रेन के अपहरण जैसी घटनाओं ने सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। आलम यह है कि फरवरी 2026 में पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच युद्ध जैसे हालात पैदा हो गए हैं, जिससे पूरे दक्षिण एशिया की स्थिरता खतरे में है।
भारत की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति लाई रंग, हमलों में 43% की कमी
पाकिस्तान की बदहाली के उलट भारत की स्थिति काफी संतुलित और सकारात्मक नजर आ रही है। GTI 2026 की रिपोर्ट में भारत को 6.428 के स्कोर के साथ वैश्विक स्तर पर 13वें स्थान पर रखा गया है। भारत ने आतंकी घटनाओं पर लगाम लगाने में प्रभावी सफलता हासिल की है। आंकड़ों के मुताबिक, साल 2025 में भारत में आतंकी हमलों में 43 प्रतिशत की उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है। पिछले एक दशक में भारत के स्कोर में निरंतर सुधार हुआ है, जो देश की मजबूत सुरक्षा व्यवस्था और आतंकवाद के प्रति कड़े रुख का परिणाम है।
नेपाल और बांग्लादेश ने पेश की शांति की मिसाल
दक्षिण एशिया में जहां अशांति का माहौल है, वहीं नेपाल ने लगातार तीसरे साल ‘शून्य आतंकी घटना’ के साथ अपनी शांति बरकरार रखी है। वहीं, बांग्लादेश ने भी 2025 में आतंकी हमलों में 100 प्रतिशत की गिरावट दर्ज कर दुनिया को हैरान कर दिया है। रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि यदि पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सैन्य तनाव नहीं थमा, तो यह आतंकी संगठनों के लिए नए अवसर पैदा कर सकता है।













