LPG की बढ़ती कीमतों पर सरकार का खुलासा, क्यों लेना पड़ा फैसला….जानें आपके शहर में अब क्या होगी नई कीमत!

नई दिल्ली। देश में महंगाई की मार झेल रहे आम उपभोक्ताओं को सरकार ने एक और तगड़ा झटका दिया है। घरेलू एलपीजी गैस सिलें डरों के दामों में ₹60 प्रति सिलेंडर की भारी बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी गई है। नई दरें तत्काल प्रभाव से लागू हो गई हैं। इस फैसले के बाद जहां एक तरफ उपभोक्ताओं में नाराजगी है, वहीं विपक्ष ने भी केंद्र सरकार की घेराबंदी शुरू कर दी है। हालांकि, पेट्रोलियम मंत्रालय ने फैक्ट शीट जारी कर इस बढ़ोतरी के पीछे वैश्विक अस्थिरता और तेल कंपनियों के नुकसान का हवाला दिया है।

वैश्विक बाजार का दबाव और सऊदी कॉन्ट्रैक्ट प्राइस का असर

पेट्रोलियम मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में एलपीजी की कीमतों में अस्थिरता बनी हुई है। मार्च 2026 में सऊदी कॉन्ट्रैक्ट प्राइस (CP), जो भारतीय एलपीजी कीमतों का मुख्य मानक है, उछलकर 542 डॉलर प्रति मीट्रिक टन पर पहुंच गया है। गौर करने वाली बात यह है कि नवंबर 2025 में यह महज 466 डॉलर था। भारत अपनी एलपीजी जरूरतों का 60 प्रतिशत हिस्सा आयात करता है, जिसके कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार की हर हलचल का सीधा असर घरेलू कीमतों पर पड़ता है।

राहत की बात: बाजार भाव से अब भी सस्ता है सिलेंडर

सरकार ने सफाई देते हुए कहा है कि इस बढ़ोतरी के बावजूद उपभोक्ताओं को पूरी तरह बाजार के भरोसे नहीं छोड़ा गया है। दिल्ली में वर्तमान में 14.2 किलो के गैर-सब्सिडी वाले सिलेंडर की कीमत ₹853 है, जबकि इसकी वास्तविक बाजार दर ₹987 होनी चाहिए। यानी सरकार प्रति सिलेंडर ₹134 का बोझ खुद वहन कर रही है। आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2022-23 में सरकार ने तेल विपणन कंपनियों (OMCs) को ₹22,000 करोड़ का मुआवजा दिया था ताकि जनता पर बोझ कम हो सके।

उज्ज्वला लाभार्थियों पर मामूली असर, पड़ोसी देशों से तुलना

प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के लाभार्थियों के लिए सरकार ने इसे ‘नाममात्र का बदलाव’ करार दिया है। मंत्रालय के अनुसार, उज्ज्वला परिवारों के लिए खाना पकाने की लागत ₹7.31 से बढ़कर ₹8.11 प्रतिदिन हुई है। यानी प्रति व्यक्ति मात्र 20 पैसे का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।

तुलनात्मक रूप से देखें तो भारत में एलपीजी के दाम आज भी पड़ोसी देशों के मुकाबले काफी कम हैं:

  • दिल्ली (उज्ज्वला): ₹613

  • पाकिस्तान: ₹1,046

  • श्रीलंका: ₹1,242

  • नेपाल: ₹1,208

विपक्ष शासित राज्यों और वैट (VAT) पर छिड़ी जंग

इस मूल्य वृद्धि के बीच सरकारी सूत्रों ने विपक्षी दलों पर पलटवार किया है। सूत्रों का दावा है कि बीजेपी शासित राज्यों में ईंधन की दरें कम हैं क्योंकि वहां की सरकारों ने वैट (VAT) में कटौती की है। उदाहरण के तौर पर, लखनऊ (यूपी) में पेट्रोल ₹94.70 प्रति लीटर है, जबकि तेलंगाना में यह ₹107.50 है। इसी तरह केरल में डीजल ₹96.48 है, जबकि गांधीनगर (गुजरात) में यह ₹90.38 प्रति लीटर मिल रहा है। सरकार का तर्क है कि विपक्षी राज्य केंद्र की तरह टैक्स कम करके जनता को राहत नहीं दे रहे हैं।

2014 से अब तक: एलपीजी नेटवर्क में क्रांतिकारी बदलाव

सरकार ने बुनियादी ढांचे में हुए सुधारों को भी सामने रखा है। साल 2014 के मुकाबले एलपीजी ग्राहकों की संख्या 14.51 करोड़ से बढ़कर 33.31 करोड़ हो गई है। देश में गैस पाइपलाइन की लंबाई 2,311 किमी से बढ़कर 6,242 किमी तक पहुंच गई है। सरकार का कहना है कि पिछले 12 वर्षों में गैर-सब्सिडी वाले सिलेंडर के दाम ₹906 से बढ़कर महज ₹913 तक पहुंचे हैं, जो कुशल प्रबंधन का परिणाम है।

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