नोएडा : उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने नोएडा (गौतम बुद्ध नगर) की निजी कंपनियों और औद्योगिक इकाइयों में काम करने वाले लाखों कर्मचारियों को बड़ी राहत देते हुए ऐतिहासिक फैसला सुनाया है. पिछले कई दिनों से वेतन और कंपनी मालिकों की मनमानी के खिलाफ चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बाद, प्रशासन ने अब श्रम नियमों को लेकर सख्त तेवर अपना लिए हैं. नए नियमों के तहत अब न केवल समय पर सैलरी मिलेगी, बल्कि ओवरटाइम करने वाले श्रमिकों की जेब भी दोगुनी भरेगी.
आंदोलन के बाद जागा प्रशासन: फेज-2 में हुआ था भारी हंगामा
बता दें कि नोएडा के फेज-2 इलाके में पिछले तीन दिनों से श्रमिक अपनी मांगों को लेकर अड़े हुए थे. वेतन में देरी और अनियमितताओं के खिलाफ काम बंद कर प्रदर्शन कर रहे श्रमिकों और पुलिस के बीच सोमवार को तीखी झड़प भी हुई, जिसमें स्थिति नियंत्रित करने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा. इस तनावपूर्ण माहौल के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हस्तक्षेप के बाद जिला प्रशासन ने तुरंत प्रभाव से नए दिशानिर्देश जारी कर दिए हैं. प्रशासन का लक्ष्य नोएडा को श्रम सुधारों के मामले में एक ‘मॉडल जिले’ के रूप में स्थापित करना है.
ओवरटाइम और संडे की ड्यूटी पर अब होगी मोटी कमाई
जिलाधिकारी मेहा रूपम ने औद्योगिक संगठनों और कंपनी प्रतिनिधियों के साथ हुई हाई-लेवल मीटिंग में स्पष्ट किया कि अब श्रमिकों का शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. नए नियमों के मुताबिक, यदि कोई कर्मचारी अपनी शिफ्ट के बाद अतिरिक्त समय (ओवरटाइम) काम करता है, तो कंपनी को उसे सामान्य वेतन दर से दो गुना भुगतान करना होगा. यही नहीं, साप्ताहिक अवकाश के दिन यानी रविवार को काम बुलाने पर भी डबल सैलरी देनी होगी. इसमें किसी भी तरह की कटौती गैर-कानूनी मानी जाएगी.
सैलरी स्लिप अनिवार्य, हर महीने की 10 तारीख तक आएगा वेतन
अक्सर देखा जाता है कि निजी कंपनियां सैलरी देने में महीनों की देरी करती हैं, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा. प्रशासन ने सख्त आदेश दिया है कि हर महीने की 10 तारीख तक कर्मचारी के खाते में पूरा वेतन पहुंच जाना चाहिए. पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए अब हर कर्मचारी को सैलरी स्लिप देना भी अनिवार्य कर दिया गया है, ताकि उसे पता रहे कि उसके पीएफ और भत्तों में कितनी कटौती हुई है और उसे कितना भुगतान मिला है.
सीधे खाते में जाएगा पैसा
बोनस को लेकर होने वाली हेरफेर को रोकने के लिए भी योगी सरकार ने फुलप्रूफ प्लान तैयार किया है. सभी कंपनियों को निर्देश दिए गए हैं कि 30 नवंबर तक हर हाल में कर्मचारियों का बोनस उनके बैंक खातों में ट्रांसफर हो जाना चाहिए. नकद भुगतान की व्यवस्था को हतोत्साहित किया गया है ताकि भ्रष्टाचार की गुंजाइश न रहे.
महिला सुरक्षा पर विशेष फोकस: ऑफिस में लगेगी शिकायत पेटी
कार्यस्थल पर महिलाओं के लिए सुरक्षित माहौल बनाने के लिए प्रशासन ने ‘आंतरिक शिकायत समिति’ (ICC) का गठन अनिवार्य कर दिया है. खास बात यह है कि इस समिति की कमान महिला सदस्य के हाथ में ही होगी. कंपनियों को अपने परिसर में ‘शिकायत पेटी’ लगानी होगी, जिसकी निगरानी सीधे प्रशासन द्वारा की जा सकती है. इसके अलावा, श्रमिकों की किसी भी समस्या के समाधान के लिए एक कंट्रोल रूम और हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया है, जहां कर्मचारी बेझिझक अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं.













