लालच, शराब और खौफनाक साजिश : मासूम बच्ची समेत पांच लोगों की हत्या में तीन दोषियों को आजीवन कारावास…एक मोबाइल फोन ने पहुंचाया…

सम्पत्ति की लालच में पूरे परिवार का कर दिया गया था सफाया

हमीरपुर, 30 जनवरी (हि.स.) । उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में करीब पौने नौ साल पूर्व छह माह की बच्ची समेत पांच लोगों की सामूहिक हत्या के मामले में शुक्रवार को विशेष न्यायाधीश (डकैती कोर्ट) अनिल कुमार खरवार ने तीन दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। तीनों पर उन्नीस-उन्नीस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।

पांच लोगों की सामूहिक हत्या हमीरपुर जिले के मौदहा कस्बे में हुई थी जिससे पूरे क्षेत्र थर्रा गया था। एडीजीसी मणिकर्ण शुक्ला ने बताया कि वादी सौरभ सिंह पुत्र रामेंद्र सिंह निवासी पीपरी अठगइयां थाना सिरसा कलार जिला जालौन ने 13 मई 2017 को कोतवाली में तहरीर देकर बताया कि मेरे नाना कृष्णपाल सिंह, नानी कुसुमा देवी, मां रानी व बहन आकांक्षा देवी उर्फ रामलली एवं बहन की छह माह की पुत्री की नाना के परिवार के जुगुल किशोर ने साथियों संग मिलकर हत्या की है। जिसके बाद पुलिस ने जुगुल किशोर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

पुलिस की जांच के दौरान चार माह बाद 13 सितंबर 2017 को एसओजी प्रभारी रामश्रय यादव ने हत्या के बाद लूटे गए मोबाइल के ईएमआई रन करने की लोकेशन मिलने पर कोतवाल प्रमेंद्र कुमार सिंह को सूचना दी और टीम के साथ बड़ा चौराहा पहुंचे। इस बीच वादी सौरभ सिंह व उसका बहनोई अनिल सिंह मिले जिन्हें भी पुलिस ने साथ ले लिया। जहां पर फोन मिलाने पर चौराहे में खड़े एक व्यक्ति ने फोन उठाया। जब पुलिस ने दबोचने का प्रयास किया तो दोनों भागने लगे। जिस पर पुलिस ने दोनों को दबोचकर पूछतांछ की तो अपना नाम कामता उर्फ अजय सिंह व दूसरे ने मूलचंद्र उर्फ मुल्लू श्रीवास निवासी खंडेह बताया। इस दौरान वादी ने मोबाइल की शिनाख्त अपनी मां रानी देवी के रूप में की। पुलिस ने दोनों से कड़ाई से पूछतांछ की तो उन्होंने बताया कि पुष्पेंद्र सिंह पुत्र झाम सिंह निवासी खंडेह ने कृष्णपाल के घर में काफी सोना-चांदी व नकदी होने की बात कहने पर वह दोनों लालच में आकर उसके साथ 10 मई को शाम 4 बजे घर पहुंचे और कृष्णपाल से बात कर रहे थे। तभी रानी व उसकी पुत्री आकांक्षा नीचे आई। आकांक्षा ने कहा कि मामा शादी की पार्टी कब मिलेगी।

पुष्पेंद्र के कहने पर हम दोनों बाहर से डेढ़ लीटर दूध लाये और दे दिया। इसके बाद कृष्णपाल से शराब पिलाने को कहा। इसके बाद तीन क्वार्टर शराब लाकर उन्हें पिलाने के बाद गला घोटकर हत्या कर दी। इसके बाद ऊपर पहुंचकर आकांक्षा का गला घोटकर हत्या कर दी। तभी कुसुमा आ पहुंची तो उसका सिर दीवाल से पटकर हत्या कर दी। इसके बाद रानी से जेवरात व रुपयों के बारे में पूछा न बताने पह उसका भी तीनों ने मिलकर गला घोट दिया। छह माह की मासूम को बिस्तर पर छोड़ने के बाद लूटपाट कर गहने व मोबाइल आदि लेकर निकल आये। गांव के बाहर आकर तीनों ने बैठकर बटवारा कर दिया। दोनों के हिस्से में लूटे गए मोबाइल आये। पुलिस ने तीनों हत्यारोपितों के खिलाफ हत्या व लूट का मुकदमा दर्ज कर आरोप पत्र कोर्ट में प्रस्तुत किया। मुकदमें की सुनवाई करते हुए विशेष न्यायाधीश डकैती कोर्ट अनिल कुमार खरवार ने हत्यारोपी पुष्पेंद्र, मूलचंद्र उर्फ मुल्लू श्रीवास व कामता उर्फ अजय सिंह को आजीवन कारावास व 19-19 हजार अर्थदंड की सजा सुनाई।

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