
झांसी। वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी रेलवे स्टेशन पर उस वक्त हड़कंप मच गया, जब पुलिस द्वारा पकड़े गए एक प्रेमी युगल ने प्लेटफार्म पर ही जमकर बवाल काटा। घर से भागकर शादी करने का सपना संजोए बैठे इस जोड़े ने पुलिस और परिजनों के सामने झुकने से साफ इनकार कर दिया। युवती की जिद के आगे खाकी और खून के रिश्ते दोनों बेबस नजर आए। अंततः बालिग होने के प्रमाण मिलने पर पुलिस को भारी मन से दोनों को उनके हाल पर छोड़ना पड़ा।
गश्त के दौरान संदिग्ध हालत में पकड़े गए प्रेमी
दरअसल, बीती रात रेलवे स्टेशन पर अपराध नियंत्रण के लिए जीआरपी, आरपीएफ और डिटेक्टिव विंग की संयुक्त टीम गश्त कर रही थी। इसी दौरान प्लेटफार्म नंबर चार और पांच के पास एक युवक और युवती संदिग्ध अवस्था में दिखाई दिए। जब पुलिस टीम ने उनसे पूछताछ की, तो परतें खुलनी शुरू हुईं। दोनों ने अपनी पहचान मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के निवासी के रूप में बताई। पूछताछ में सामने आया कि युवक और युवती पिछले तीन वर्षों से एक-दूसरे से प्रेम करते हैं और घर से भागकर कहीं दूर जाने की फिराक में थे।
‘3 साल का प्यार और घरवालों का पहरा’, बगावत की बड़ी वजह
युवती ने पुलिस को बताया कि उसके परिजन उसकी शादी उसकी मर्जी के खिलाफ कहीं और तय कर रहे थे। उसने कई बार विरोध किया, लेकिन जब बात नहीं बनी तो दोनों ने छतरपुर से भागने का फैसला किया। सूचना मिलते ही दोनों के परिजन आनन-फानन में झांसी स्टेशन पहुंचे। पुलिस की मौजूदगी में परिजनों ने युवती को काफी समझाने-बुझाने और घर चलने की मिन्नतें कीं, लेकिन कुछ ही सेकंड में युवती का मिजाज बदल गया और वह बगावत पर उतर आई।
कानून के आगे बेबस हुए परिजन और पुलिस
प्लेटफार्म पर मचे हंगामे के बीच युवती ने दो टूक शब्दों में कहा, “जब मैं 3 साल से इस लड़के से प्यार कर रही हूं, तो मेरी शादी इससे क्यों नहीं की जा रही? मैं किसी और के साथ जिंदगी नहीं बिता सकती।” पुलिस ने जब दोनों के दस्तावेजों की जांच की, तो वे कानूनी रूप से बालिग पाए गए। कानूनन किसी भी बालिग जोड़े को उनकी मर्जी के खिलाफ रोकने का अधिकार पुलिस के पास नहीं है। लिहाजा, काफी जद्दोजहद और समझाइश के बाद आरपीएफ और जीआरपी ने दोनों को साथ जाने की अनुमति दे दी और परिजन खाली हाथ वापस लौट गए।










