भयावह कांड: नशे की दवा देकर पत्नी से 120 पुरुषों ने किया रेप, पति ही निकला दरिंदा….सुनसान फार्महाउस में बनाया बंधक फिर…..

हर्नोसैंड (स्वीडन): स्वीडन से एक ऐसी रोंगटे खड़े कर देने वाली खबर सामने आई है, जिसने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है। यहाँ एक 61 वर्षीय व्यक्ति पर अपनी ही पत्नी को नशीली दवाएँ देकर और मौत का खौफ दिखाकर 120 से अधिक पुरुषों के साथ शारीरिक संबंध बनाने के लिए मजबूर करने का आरोप लगा है। शुक्रवार (10 अप्रैल 2026) को हर्नोसैंड की एक अदालत में इस मामले की सुनवाई शुरू हुई, जिसे स्वीडन के इतिहास के सबसे वीभत्स मामलों में से एक माना जा रहा है।

सुनसान फार्महाउस में बनाया ‘नरक’, जासूसी कैमरों से रखी नजर

अभियोजन पक्ष द्वारा कोर्ट में पेश की गई दलीलों के अनुसार, आरोपित पति ने उत्तरी स्वीडन के एक सुनसान और अलग-थलग फार्महाउस में अपनी पत्नी को बंधक बनाकर रखा था। वह इंटरनेट के डार्क वेब और विभिन्न प्लेटफॉर्म्स के जरिए ग्राहकों की तलाश करता था। जब भी कोई शख्स आता, तो आरोपी अपनी पत्नी को भारी मात्रा में नशीली दवाएं दे देता ताकि वह विरोध न कर सके। हैवानियत की हद तो तब पार हो गई जब यह पता चला कि आरोपी ने पूरे घर में जासूसी कैमरे लगवाए थे और वह इन वारदातों की वीडियो रिकॉर्डिंग भी करता था।

जिंदा जलाने और उंगलियां काटने की धमकी

पीड़िता ने पुलिस को बताया कि यह सिलसिला साल 2022 से चल रहा था। आरोपी पति उसे मानसिक और शारीरिक रूप से इस कदर प्रताड़ित करता था कि वह चाहकर भी मदद नहीं मांग पा रही थी। वह उसे जिंदा जलाने और उसकी उंगलियां काट देने जैसी खौफनाक धमकियां देता था। करीब तीन साल तक इस नर्क को झेलने के बाद, अक्टूबर 2025 में पीड़िता किसी तरह पुलिस तक पहुँचने में सफल रही, जिसके बाद इस पूरे रैकेट का भंडाफोड़ हुआ।

28 पुरुषों पर तय हुए आरोप, पति बोला- ‘सब सहमति से हुआ’

पुलिस की गहन तफ्तीश में अब तक 120 ऐसे पुरुषों की पहचान की गई है जिन्होंने महिला का शोषण किया। इनमें से 28 पुरुषों पर अब तक औपचारिक रूप से आरोप तय किए जा चुके हैं। हालांकि, जब कोर्ट में सुनवाई शुरू हुई, तो आरोपी पति ने बेशर्मी से खुद को निर्दोष बताया। उसका दावा है कि यह सब उसकी पत्नी की सहमति से हुआ था, जबकि अभियोजन पक्ष के पास नशीली दवाओं और धमकियों के पुख्ता डिजिटल सबूत मौजूद हैं।

बंद कमरे में चल रही है अदालती कार्यवाही

मामले की संवेदनशीलता और पीड़िता की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अदालत ने कार्यवाही को ‘इन-कैमरा’ (बंद कमरे में) करने का फैसला किया है। पीड़िता की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी गई है। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला फ्रांस के चर्चित ‘डोमिनिक पेलिकॉट’ केस की याद दिलाता है, जहाँ एक पति ने अपनी पत्नी को दशकों तक अजनबियों से रेप करवाया था।

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