बिहार में खाकी वर्दी की उड़ रही खुलेआम धज्जियां, आयेदिन पिटती रहती हैं पुलिस

भोजपुर में दारोगा की पिटाई। पटना में शराब की छापेमारी में की गई टीम पर हमला। जगह बदल जाती है, लेकिन बिहार में पुलिस की पिटाई आम बात हो गई है। राजधानी पटना से लेकर राज्य के 38 जिलों में कहीं भी पुलिस अपनी साख नहीं बचा पाई है।

आंकड़ों के मुताबिक, प्रदेश में रोजाना औसतन 8 जगह पुलिस पिट रही है। जनवरी से लेकर मई तक 151 दिन में बिहार पुलिस पर 1297 बार हमले हुए हैं।

बिहार पुलिस पर 374 बार हमला हुआ

बिहार पुलिस जनवरी में खूब पिटी है। बिहार पुलिस के आंकड़ों की बात करें तो 2022 के जनवरी माह में बिहार पुलिस पर अलग-अलग जिलों में 374 बार हमला हुआ है। पुलिस के लिए नए साल का जनवरी सबसे ज्यादा पिटने वाला महीना रहा। फरवरी में भी पुलिस 211 बार पिटी, जबकि मार्च में लोगों ने उस पर 227 बार हमला किया। वहीं, अप्रैल में 190 और मई में 295 बार आम लोगों ने पुलिस पर हमला किया है।

बिहार पुलिस पर हर समय मंडराता है खतरा

टीम पर हमला करने वाले अब अफसरों को निशाना बना सकते हैं
पुलिस का जनता से संबंध नहीं सुधरा तो इकबाल कम होगा
पुलिस थानों पर भी भीड़ के हमलों के मामले बढ़ जाएंगे
पुलिस पब्लिक के बीच संवाद के लिए अफसर गंभीर नहीं हुए तो मुश्किल बढ़ेगी
दोषी पुलिस वालों पर कार्रवाई नहीं हुई तो जनता का गुस्सा बढ़ेगा

एक साथ दर्जनों पर FIR से बिगड़ती है बात

पुलिस पर हमला होने के बाद एक सिरे से कई लोगों पर FIR की जाती है। इस कार्रवाई में भी पुलिस का आक्रोश दिखाई देता है और पुलिस ऐसे लोगों का नाम भी रिकॉर्ड में लाती है, जो घटना में शामिल ही नहीं होते हैं। ऐसे मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। पुलिस अगर निष्पक्ष होकर काम करे और कार्रवाई से पहले घटना की जड़ तक पहुंच जाए, तो काफी हद तक हालात सुधर सकते हैं।

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