

भास्कर समाचार सेवा
बिजनौर।विवेक काॅलेज ऑफ आयुर्वेदिक साइंसेज एण्ड हाॅस्पिटल, बिजनौर की बीएएमएस प्रथम वर्ष के छात्र/छात्राओं ने आयुर्विद्यारंभ महोत्सव में अपनी शिक्षा का शुभारम्भ किया। आयुष मंत्रालय भारत सरकार के निर्देशानुसार बी0ए0एम0एस0 प्रथम वर्ष में प्रवेश लेने वाले नव आगंतुक छात्र/छात्राओं के लिये 15 दिवसीय आयुर्विद्यारंभ महोत्सव का शुभारंभ भगवान धन्वतंरी के समक्ष दीप प्रज्जवलन कर किया गया। दीप प्रज्जवलन काॅलेज के चैयरमेन अमित गोयल, सचिव दीपक मित्तल, कोषाध्यक्ष धमेन्द्र अग्रवाल, डाॅ राजीव चैधरी, प्राचार्य वैद्य संदीप अग्रवाल ने किया। काॅलेज के चतुर्थ वर्ष के छात्र/छात्राओं द्वारा धन्वंतरी वंदना का गायन किया गया।
प्रथम दिन छात्रों को महाविद्यालय के नियमों तथा कार्यप्रणाली से अवगत कराया गया। सभी नव आगंतुक छात्र/छात्राओं को प्रबन्धन समिति द्वारा उपहार स्वरूप वितरित किए गये। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रहे वैद्य संदीप अग्रवाल ने छात्र/छात्राओं को सम्बोधित करते हुये कहा कि आज आयुर्वेद पद्धति को सारा विश्व अपना रहा है। भविष्य आयुर्वेद का है। इसलिये आज छात्र-छात्राओं को इसका गहन अध्ययन करने की आवश्यकता है। उन्होंने आयुर्वेद में भविष्य की उज्जवल संभावनाओं की विस्तार पूर्वक व्याख्या की तथा नवागंतुक विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं को शांत किया। महाविद्यालय के चैयरमेर अमित गोयल ने बताया कि इस कार्यक्रम के द्वारा नव आगंतुक छात्र/छात्राओं में एक उत्साह का सृजन हुआ, एवं भविय में श्रेष्ठ चिकित्सक बनकर समाज को आयुर्वेद को एक नये आयाम तक पहुँचाने के लिये प्रेरणा मिली। डाॅ0 राजीव चैधरी ने महाविद्यालय के नियमों के बारे में नव आगंतुक छात्र/छात्राओं को अवगत कराया।
कार्यक्रम के मंच का संचालन डाॅ0 संतोष गुप्ता, डाॅ0 प्रीति ने किया। डाॅ0 देवाशीष ने आयुर्वेद में भविष्य की उज्जवल संभावनाओं की विस्तार पूर्वक व्याख्या की। उन्होंने बताया कि आज के समय में आयुर्वेद विश्व पटल पर अपनी पहचान बना रहा है। महाविद्यालय में केवल मेडिकल की शिक्षा अपितु अन्य विधाओं की भी विस्तापूर्वक जानकारी दी जायेगी। उन्होंने बताया कि छात्रों के सर्वागीण विकास के लिए काॅलेज प्रत्येक पल प्रतिबद्ध है।
कार्यक्रम की आयोजन समिति डाॅ0 आधार, डाॅ0 नृपेन्द्र आर्य, की अहम भूमिका रही। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में आयुर्वेद काॅलेज के मीडिया प्रभारी डा0 राजीव, डाॅ0 सुजीत कुमार का विशेष योगदान रहा। डाॅ0 कुसुम, डाॅ0 एमपी सिंह, डाॅ0 मुरारी, डाॅ रोशनी एवं अन्य सभी शिक्षक उपस्थित रहे।