जलता ईरान…गहराता संकट: 62 लोगों की मौत, सड़कों पर आग; ट्रंप को खामेनेई का सख्त और….देखें VIDEO
Shanu
ईरान में जारी व्यापक विरोध प्रदर्शनों के बीच हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं. सरकारी पाबंदियों और सख्ती के बावजूद प्रदर्शन रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं. ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन प्रदर्शनों में अब तक 62 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई अन्य घायल बताए जा रहे हैं. हालात पर काबू पाने के लिए सरकार ने इंटरनेट और अंतरराष्ट्रीय टेलीफोन सेवाएं बंद कर दी हैं, इसके बावजूद सड़कों पर गुस्सा साफ नजर आ रहा है.
राजधानी तेहरान समेत कई शहरों से सामने आए वीडियो में सड़कों पर मलबा, जलते अलाव और सरकार विरोधी नारे दिखाई दे रहे हैं. आर्थिक बदहाली से शुरू हुआ यह आंदोलन अब राजनीतिक और अंतरराष्ट्रीय टकराव की शक्ल लेता जा रहा है.
सरकारी मीडिया का आरोप: अमेरिका-इजरायल ने भड़काई हिंसा
ईरानी सरकारी मीडिया ने शुक्रवार को चुप्पी तोड़ते हुए दावा किया कि इन प्रदर्शनों के पीछे अमेरिका और इजरायल के ‘आतंकवादी एजेंट’ हैं, जिन्होंने हिंसा और आगजनी को बढ़ावा दिया. हालांकि, मीडिया ने हताहतों की संख्या पर कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी. ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई (86) ने सरकारी टीवी पर संबोधन में साफ संकेत दिए कि प्रदर्शनकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
उन्होंने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का जिक्र करते हुए कहा कि प्रदर्शनकारी “किसी दूसरे देश के राष्ट्रपति को खुश करने के लिए अपनी ही सड़कों को बर्बाद कर रहे हैं.” खामेनेई ने कहा कि ‘जो शासक अहंकार के साथ पूरी दुनिया पर फैसला सुनाते हैं, उन्हें यह जान लेना चाहिए कि फिरौन, नमरूद और मोहम्मद रज़ा पहलवी जैसे शासकों का अंत सत्ता के चरम पर ही हुआ. वह भी गिरेगा.”
POWERFUL PROTESTS: Video from inside Iran shows massive crowds filling the streets in protest against the hardline Islamist government, despite the internet crackdown in the country.
The protests have grown in recent days as frustrated Iranians speak out against rampant… pic.twitter.com/t8qvr711g4
खामेनेई ने आरोप लगाया कि कुछ प्रदर्शनकारी वास्तविक शिकायतों के बजाय वॉशिंगटन को खुश करने के लिए हिंसा कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि “कुछ लोग सिर्फ तोड़फोड़ के लिए सड़कों पर हैं. तेहरान और अन्य शहरों में उन्होंने अपने ही देश की इमारतों को नुकसान पहुंचाया.” उन्होंने अमेरिका पर कटाक्ष करते हुए कहा कि अगर ट्रंप में दम है तो पहले अपने देश को संभालें, जहां खुद कई घटनाएं हो रही हैं.
ट्रंप की चेतावनी: ‘लोगों को नुकसान पहुंचाया तो कड़ा जवाब देंगे’
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फॉक्स न्यूज और रेडियो इंटरव्यू में ईरान को चेतावनी दी कि अगर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ घातक बल का इस्तेमाल हुआ तो अमेरिका “बहुत सख्त कार्रवाई” करेगा. ट्रंप ने कहा कि “अगर वे इन लोगों को नुकसान पहुंचाते हैं, तो हम उन्हें बहुत जोर से जवाब देंगे.”
इंटरनेट ब्लैकआउट और बढ़ती सख्ती
गुरुवार को विरोध तेज होने के साथ ही ईरान में व्यापक इंटरनेट शटडाउन लागू कर दिया गया. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स तक पहुंच सीमित कर दी गई, ताकि प्रदर्शनकारियों के बीच समन्वय रोका जा सके. इसके साथ ही कई इलाकों में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की तैनाती की गई है.
क्यों भड़क रहे हैं ईरानी? जानिए असली वजह
ईरान की अर्थव्यवस्था लंबे समय से अमेरिकी और यूरोपीय प्रतिबंधों के दबाव में है. हालात तब और बिगड़े जब 2025 में ईरानी मुद्रा रियाल की कीमत लगभग आधी रह गई. दिसंबर में महंगाई दर 42 प्रतिशत के पार पहुंच गई. शुरुआत में व्यापारी वर्ग ने रियाल की गिरावट के खिलाफ प्रदर्शन किए, लेकिन अब आंदोलन विश्वविद्यालयों और छोटे शहरों तक फैल चुका है.
मरने वालों की संख्या पर विवाद
मानवाधिकार संगठनों के मुताबिक, मरने वालों की संख्या सरकारी आंकड़ों से कहीं ज्यादा हो सकती है. एमनेस्टी इंटरनेशनल के अनुसार 28 से ज्यादा लोग मारे गए. अन्य संगठनों का दावा है कि यह संख्या 40 से अधिक है. सरकार ने फिलहाल केवल एक मौत की पुष्टि की है.