लद्दाख हुआ जम्मू-कश्मीर से अलग, पहले उप राज्यपाल के रूप में राधाकृष्ण माथुर ने ली शपथ

जम्मू-कश्मीर और लद्दाख गुरुवार को औपचारिक रूप से केंद्र शासित प्रदेश बन गए। जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट की मुख्य न्यायाधीश गीता मित्तल ने सुबह लेह स्थित सिंधु संस्कृति केंद्र में समारोहपूर्वक लद्दाख के पहले उप राज्यपाल के रूप में राधाकृष्ण माथुर को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। इसी के साथ लद्दाख, जम्मू-कश्मीर से अलग हो गया। जम्मू-कश्मीर के पहले उप राज्यपाल के रूप में गिरीश चंद्र मुर्मू श्रीनगर स्थित राजभवन में दोपहर बाद शपथ ग्रहण करेंगे।

पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक के प्रधान सचिव उमंग नरूला को उप राज्यपाल माथुर का सलाहकार नियुक्त किया गया है। नरूला 1965 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। वह जम्मू प्रांत के मंडलायुक्त भी रह चुके हैं। लद्दाख में पुलिस प्रशासन की कमान 1995 बैच के आईपीएस एसएस खंडारे को सौंपी गई है। दोनों अधिकारियों ने भी कार्यभार संभाल लिया है। इसके साथ 70 साल की लंबी जद्दोजहद के बाद सरदार वल्लभ भाई पटेल का पूरे हिंदुस्तान में एक देश, एक विधान और एक निशान का सपना साकार हो गया।

सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती पर जम्मू-कश्मीर राज्य अतीत का हिस्सा बन गया और दो नए केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर और लद्दाख देश के नक्शे पर उभर कर आ गए। दोनों की अपनी प्रशासनिक व्यवस्था होगी। प्रशासन की कमान राष्ट्रपति के प्रतिनिधि के तौर पर उप राज्यपाल संभालेंगे। जीसी मुर्मू बुधवार को श्रीनगर पहुंच गए थे। जम्मू-कश्मीर के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक को गोवा का राज्यपाल बनाया गया है।

खबरें और भी हैं...

Leave a Comment

92 − = 88
Powered by MathCaptcha