लखीमपुर खीरी : संविदा कर्मी को हटाकर नए कर्मचारी की तैनाती कराने का आरोप

बरवर खीरी। बरवर निवासी चांद मोहम्मद ने अधिशासी अभियंता वि० वि० मोहम्मदी खीरी को जेई व ठेकेदार पर आरोप लगाते हुए एक प्रार्थना पत्र दिया, जिसमें बताया कि चांद मोहम्मद पूर्व से विद्युत उपकेंद्र बरवर में लाइन के पद पर कार्यरत हैं। जिसको आपराधिक रिकॉर्ड का हवाला देते हुए नौकरी से निकाल दिया गया। चांद मोहम्मद ने बताया कि गांव में रंजिश के चलते दूसरी पार्टी ने छेड़खानी का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज करा दिया था जिसके कारण चांद मोहम्मद को 20 दिन के लिए जेल जाना पड़ा। प्रार्थना पत्र में बताया कि जमानत पर जेल से छूटने के बाद चांद मोहम्मद ने अगले दिन गणतंत्र दिवस के अवसर पर विद्युत उपकेंद्र पर गया और ध्वजारोहण करा के चार-पांच दिन तक लगातार कार्य करता रहा। लेकिन 1 दिन एकाएक सुशील कुमार जे ई ने आपराधिक रिकॉर्ड होने का आरोप लगाकर चांद मोहम्मद को ड्यूटी करने से मना कर दिया जिस पर चांद मोहम्मद ने कई बार विनती की।

चांद मोहम्मद ने जेई और ठेकेदार पर आरोप लगाते हुए बताया कि साजिश के चलते चांद मोहम्मद को नौकरी से निकाल कर दूसरे व्यक्ति से मोटी रकम वसूल कर नियुक्ति कर दी। चांद मोहम्मद ने प्रार्थना पत्र में इस बात का भी दावा किया है कि उनके जैसे अन्य कई तमाम कर्मचारी हैं जिन पर आपराधिक मुकदमा पंजीकृत हैं लेकिन उनके साथ ऐसा बर्ताव नहीं हुआ जिससे साफ साफ पता चल रहा है कि मोटी रकम वसूल कर चांद मोहम्मद को नौकरी से हटा कर नए कर्मचारी को नियुक्त किया गया। 


किसी को निकालना या रखना ये हमारे ठेकेदार उमा शरण रस्तोगी का काम है। उनके अंडर में ये सब आते हैं। वही इसके बारे में बता सकते हैं कि उन्होंने किसको निकाला और क्यों निकाला। 
जे ई बरवर

चांद मोहम्मद को 19 दिसंबर में गिरफ्तार कर 20 दिन के लिए जेल भेज दिया गया था। 20 दिन बाद इनको जमानत पर रिहा किया गया था। इनके ऊपर 354 और पोक्सो एक्ट जैसी गंभीर धाराओं में मुकदमा पंजीकृत हुआ था। इसी कारण रिहाई के बाद से इनकी जॉइनिंग नहीं कराई गई थी। इनके अलावा कोई भी ऐसा कर्मचारी संज्ञान में नहीं है है जिस पर आपराधिक रिकॉर्ड है। 
उमा शरण रस्तोगी (ठेकेदार)

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