
लखनऊः राजधानी में अपराध नियंत्रण और संदिग्धों की निगरानी के लिए लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट ने ऑपरेशन पहचान के तहत किरायेदारों के अनिवार्य पंजीकरण की शुरुआत की है. पुलिस किरायेदारों का घर-घर जाकर भौतिक सत्यापन भी कर रही है. इस अभियान के तहत पिछले एक साल में 13,864 किरायेदारों का पंजीकरण किया जा चुका है. पुलिस ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि किसी मकान मालिक ने बिना वेरिफिकेशन के किरायेदार रखा और वह किसी आपराधिक गतिविधि में संलिप्त पाया गया तो कठोर कार्रवाई की जाएगी. यह जानकारी लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट की ओर से प्रेस नोट जारी कर दी गई है.
लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट की ओर से बताया गया है कि लखनऊ पुलिस की वेबसाइट और UPCOP APP पर ऑनलाइन पंजीकरण की सुविधा दी गई है. इस अभियान का मुख्य उद्देश्य नागरिकों के सहयोग से अपराध मुक्त लखनऊ की नींव रखना है, ताकि शहर के हर हिस्से में रहने वाले बाहरी व्यक्तियों की पहचान और रिकॉर्ड पुलिस के पास सुरक्षित रहे.
पूर्वी जोन में सबसे अधिक रजिस्ट्रेशनः पुलिस द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, लखनऊ पूर्वी जोन में 6,657, दक्षिणी जोन में 4,928, उत्तरी जोन में 904, मध्य जोन में 843 और पश्चिमी जोन में 532 किराएदारों का रजिस्ट्रेशन हुआ है. इसके साथ ही कमिश्नरेट की ओर से गाइड लाइन भी जारी की गई है.
मकान मालिकों के लिए गाइडलाइनः मकान देने से पूर्व या एक माह के भीतर पुलिस की वेबसाइट lucknowpolice.up.gov.in या UPCOP APP पर पंजीकरण करना अनिवार्य है. मकान मालिक को किरायेदार की फोटो, आधार कार्ड, मोबाइल नंबर और मूल पते की जानकारी अपने पास सुरक्षित रखनी होगी. यदि कोई किरायेदार विदेशी है तो FORM C भरना और स्थानीय पुलिस को सूचना देना अनिवार्य है. यदि कोई किरायेदार किसी आपराधिक गतिविधि में संलिप्त पाया गया और उसका विवरण पुलिस को नहीं दिया गया होगा तो मकान मालिक के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
चरित्र प्रमाण पत्र मांगेः वहीं, लखनऊ पुलिस की टीमें मोहल्लों में लाउडस्पीकर के माध्यम से लोगों को जागरूक कर रही हैं. पुलिस ने अपील की है कि मकान मालिक किरायेदारों से उनका चरित्र प्रमाण पत्र भी मांगें, जिसे UPCOP ऐप के माध्यम से आसानी से ऑनलाइन बनवाया जा सकता है. पंजीकरण के बाद संबंधित थाने की पुलिस टीम मौके पर जाकर किरायेदार की भौतिक पुष्टि करती है. पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि सत्यापन के लिए आने वाली टीम का सहयोग करें ताकि शहर की कानून-व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाया जा सके.










