
भोर में वार्ड से निकली थी बाहर, फिर हुआ हादसा
पुलिस उपायुक्त (दक्षिणी) अमित कुमार आनंद के मुताबिक, बंथरा के एक गांव के रहने वाले अक्षय दीक्षित ने अपनी 32 वर्षीय पत्नी सीता दीक्षित को रविवार को ‘प्रसाद अस्पताल’ में भर्ती कराया था। सीता मानसिक रूप से अस्वस्थ थीं, जिसके चलते उनका न्यूरो विभाग में इलाज चल रहा था। सोमवार भोर में सीता अचानक अपने वार्ड से बाहर निकलीं और फिर चौथी मंजिल से नीचे गिर गईं। अस्पताल में मौजूद लोग जब तक कुछ समझ पाते, तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।
CCTV में कैद आखिरी पल, पर गुत्थी अब भी अनसुलझी
पुलिस ने अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली है। शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि महिला तड़के अपने कमरे से निकलकर जीने (सीढ़ियों) की तरफ जाती दिख रही है। हालांकि, वह चौथी मंजिल से खुद कूदी या किसी हादसे का शिकार हुई, यह अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है। पुलिस फुटेज के अन्य हिस्सों की भी बारीकी से जांच कर रही है ताकि घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ा जा सके।
अधिवक्ता भाई ने लगाया लापरवाही का आरोप, तहरीर दी
मृतक महिला के भाई नीरज, जो पेशे से अधिवक्ता हैं, उन्होंने अस्पताल प्रशासन पर सुरक्षा व्यवस्था में ढिलाई बरतने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि यदि मरीज मानसिक रूप से बीमार था, तो उसे वार्ड से बाहर निकलने से क्यों नहीं रोका गया और रेलिंग या अन्य सुरक्षा इंतजाम पुख्ता क्यों नहीं थे? परिजनों के आक्रोश को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा।
पुलिस की कार्रवाई और जांच का अगला कदम
डीसीपी दक्षिणी ने बताया कि परिजनों ने अस्पताल प्रशासन के खिलाफ लिखित तहरीर दी है, जिसमें गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या उस समय ड्यूटी पर मौजूद स्टाफ ने कोई लापरवाही बरती थी। फिलहाल शव को कब्जे में लेकर कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत की असल वजह साफ हो पाएगी।










