देश के इस अमीर मंदिर पर कोरोना का कहर, पुजारी समेत स्‍टाफ के 140 से अधिक लोग संक्रमित

देश का सबसे अमीर माना जाने वाला तिरुपति बालाजी का मंदिर एक बार फिर से बंद हो सकता है। पुजारी समेत मंदिर के स्‍टाफ के 140 से अधिक लोग कोरोना से संक्रमित हो गए हैं। माना जा रहा है कि इसमें 14 पुजारी हैं। इस खबर के आने के बाद मंदिर को एक बार फिर से बंद करने की मांग ने जोर पकड़ लिया है। संक्रमित लोगों में बताया जा रहा है कि अर्चक, टीटीडी के कर्मचारी, सिक्‍योरिटी स्‍टाफ और प्रसाद तैयार करने वाले स्‍टाफ के कर्मचारी शामिल हैं।

लॉकडाउन में हुआ करोड़ों का नुकसान

जबकि दूसरी ओर यह भी कहा जा रहा है लॉकडाउन की वजह से य‍ह मंदिर पहले ही करोड़ों का नुकसान उठा चुका है। मंदिर में स्‍टाफ को सेलरी कैसे दी जाए इस बारे में भी काफी चर्चा हो चुकी है और अब एक बार फिर से संकट के बादल मंडरा रहे हैं। तिरुपति बालाजी का यह मंदिर आंध्र प्रदेश में तिरुमला की पहाड़ियों में स्थित है। देश के सभी मंदिरों को खोले जाने के आदेश के बाद तिरुपति मंदिर को भी 8 जून को दर्शकों के लिए खोल दिया गया था। मगर अब ऐसा लग रहा है कि यहां फिर से भक्‍तों के दर्शन करने पर रोक लगाई जा सकती है।

एक दिन में आए थे 25.7 लाख रुपये

तमिलनाडु के तिरुमला तिरुपति मंदिर लॉकडाउन के बाद खुला तो पहले ही दिन 25 लाख से ज्यादा रुपये दान पात्र में आए थे। तिरुपति मंदिर का देश का सबसे धनी मंदिर कहा जाता है। देश के सारे मंदिरों की अपेक्षा इस मंदिर में सबसे ज्यादा कैश, जेवर और अन्य दान आता है। इस मंदिर में एक महीने में 200 करोड़ रुपये से ज्यादा का दान मिलता है। 20 मार्च को लॉकडाउन के बाद मंदिर बंद होने से दानपात्र सूखे पड़े थे। हर महीने 200 करोड़ से ज्यादा मिलने वाले एक मंदिर में एक भी रुपया दान का नहीं आया था।

बंद हो गया था बालों का कारोबार

लॉकडाउन की वजह से यहां से होने वाले करोड़ों रुपये के बालों की बिजनस को भी चपत लगी थी। यहां होने वाले मुंडनों से रोजाना सैकड़ों टन बाल निकलते हैं। जिनके बिजनस से मंदिर को करोड़ों की कमाई होती है। लेकिन कोरोना वायरस महामारी को रोकने के लिए किए गए देशव्यापी लॉकडाउन के कारण यह सारा कारोबार बंद हो गया था। बालों से होने वाली मंदिरों की आय पर ग्रहण लग गया है, क्योंकि न तो श्रद्धालु मंदिर पहुंच पा रहे हैं और न ही अपना बाल दान कर पा रहे हैं।

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