जिंदगी में कभी नहीं होना चाहते कंगाल, तो भूल से ही इन दिन न तोड़े तुलसी के पत्ते

भारत में सदियों से धर्म को महत्वपूर्ण माना जाता रहा है। हिंदू धर्म की बात करें तो यह मान्यताओं और लोगों के विश्वास पर टिका हुआ है। हिंदू धर्म में कई मान्यताएँ हैं। इन्ही में से एक है तुलसी के पौधे की पूजा करना। आपको बता दें हिंदू धार्मिक मान्यता के अनुसार तुलसी का पौधा बहुत ही महत्वपूर्ण होता है। इसे स्ववर्ग के पौधे के रूप में भी जाना जाता है। तुलसी के बारे में कहा जाता है कि इसमें कई देवी-देवताओं का निवास होता है। तुलसी बहुत ही पवित्र पौधा होता है।

तुलसी की पत्तियों को छू लेने भर से ही व्यक्ति के सभी पाप मिट जाते हैं। तुलसी के पौधे को धन की देवी माँ लक्ष्मी का प्रतीक भी माना जाता है। हिंदू धार्मिक मान्यता के अनुसार तुलसी के पौधे से जुड़ी कई आध्यात्मिक बातें हैं। जैसे भगवान विष्णु को तुलसी अत्यंत ही प्रिय है। बिना तुलसी के पत्तों को भगवान विष्णु को प्रसाद नहीं चढ़ाया जाता है। धार्मिक मान्यता से हटकर देखा जाए तो तुलसी का पौधा स्वास्थ्य की दृष्टि से भी काफ़ी महत्वपूर्ण हैं। यह सेहत के लिए वरदान माना जाता है। तुलसी में कई बीमारियों से लड़ने के गुण पाए जाते हैं।

धार्मिक मान्यता के अनुसार तुलसी के पौधे में भगवान विष्णु के शालिग्राम रूप का वास होता है। यही मुख्य वजह है कि तुलसी के पौधे को बहुत ही फलदायी माना गया है।

 

खासतौर पर हिंदू धर्म में तुलसी के पौधे का बहुत ही महत्व है। हिंदू धर्म से संबंध रखने वाले हर घर में तुलसी का पौधा अवश्य पाया जाता है। इसके अलावा हर घर में तुलसी की पूजा भी अवश्य की जाती है। घर के हर पूजा पाठ में तुलसी के पत्ते का इस्तेमाल मुख्य रूप से किया जाता है। इन सबके अलावा शास्त्रों में तुलसी से जुड़े कई ऐसे नियम भी बनाए गए हैं, जिनका ध्यान सभी को रखना अत्यंत आवश्यक होता है अन्यथा फायदे की जगह व्यक्ति को नुकसान का सामना करना पड़ सकता है।

Tulsi

यह नियम मुख्य रूप से तुलसी के पत्ते को तोड़ने के संदर्भ में बनाए गए हैं। शास्त्रों में कुछ ऐसे दिन के बारे में बताया गया है, जिस दिन तुलसी के पत्ते को तोड़ना निषेध माना गया है। यही नहीं यह भी बताया गया है कि जो व्यक्ति इन दिनों में तुलसी के पत्तों को तोड़ता है, उसे धन संबंधी कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

शास्त्रों के अनुसार एकादशी, रविवार के दिन, सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण के समय तुलसी के पत्ते को भूल कर भी नहीं तोड़ना चाहिए। शास्त्रों के अनुसार इस समय तुलसी के पत्ते को तोड़ना बहुत ही अशुभ माना गया है, और जो लोग इस नियम का पालन नहीं करते हैं, उन्हें आर्थिक दरि’द्रता का सामना करना पड़ता है। इन सबके अलावा किसी भी दिन सूर्य ढलने के बाद तुलसी के पत्ते को नहीं तोड़ना चाहिए, शास्त्रों के अनुसार दिन ढलने के बाद भी तुलसी के पत्ते को तोड़ना अशुभ होता है। इसके अलावा बेवजह तुलसी के पत्ते को तोड़ कर फेंकना नहीं चाहिए। जब कोई बहुत ही जरूरी कार्य हो तभी तुलसी के पत्ते को तोड़े।

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