उत्तर कोरिया का ‘मिसाइल तांडव’: 10 मिसाइलें दागकर किम जोंग ने दुनिया को दहलाया; आखिर क्यों भड़के किम जोंग?

सियोल/टोक्यो: पूरी दुनिया का ध्यान जब मध्य पूर्व (Middle East) में जारी भीषण युद्ध पर है, तब उत्तर कोरिया ने कोरियाई प्रायद्वीप में एक नया ‘जंगी मोर्चा’ खोल दिया है। शनिवार दोपहर उत्तर कोरियाई तानाशाह किम जोंग उन के आदेश पर राजधानी प्योंगयांग के करीब सुनान (Sunan) इलाके से एक साथ 10 अज्ञात बैलिस्टिक मिसाइलें दागकर दुनिया को चौंका दिया गया। इन मिसाइलों ने जापान सागर (Sea of Japan) की ओर उड़ान भरी, जिससे दक्षिण कोरिया और जापान में इमरजेंसी अलर्ट जारी करना पड़ा।

सुनान इंटरनेशनल एयरपोर्ट से ‘मिसाइल साल्वो’: 350 KM की तय की दूरी

दक्षिण कोरिया के जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ (JCS) के अनुसार, यह लॉन्च दोपहर करीब 1:20 बजे (स्थानीय समयानुसार) किया गया। सुनान, जो प्योंगयांग के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का स्थल भी है, वहां से एक साथ इतनी बड़ी संख्या में मिसाइलें दागना एक दुर्लभ और शक्ति प्रदर्शन वाली घटना है। सियोल की सेना ने बताया कि मिसाइलों ने गिरने से पहले लगभग 350 किलोमीटर की दूरी तय की। जापान के रक्षा मंत्रालय ने पुष्टि की है कि ये मिसाइलें जापान के विशेष आर्थिक क्षेत्र (EEZ) के बाहर समुद्र में गिरी हैं।

‘फ्रीडम शील्ड’ अभ्यास और प्योंगयांग की ‘भयानक परिणाम’ की धमकी

यह मिसाइल हमला अनायास नहीं है। वर्तमान में अमेरिका और दक्षिण कोरिया के बीच ‘फ्रीडम शील्ड’ (Freedom Shield) नाम का वार्षिक संयुक्त सैन्य अभ्यास चल रहा है, जो 19 मार्च तक चलेगा। उत्तर कोरिया इन अभ्यासों को हमेशा से अपने देश पर आक्रमण के ‘रिहर्सल’ के रूप में देखता है। कुछ ही दिन पहले किम जोंग उन की शक्तिशाली बहन किम यो जोंग ने इन अभ्यासों को लेकर “भयानक और अकल्पनीय परिणामों” की चेतावनी दी थी। आज का हमला इसी चेतावनी का सैन्य जवाब माना जा रहा है।

मिडिल ईस्ट संकट का फायदा उठा रहे किम जोंग उन?

सामरिक विशेषज्ञों का मानना है कि उत्तर कोरिया ने इस लॉन्च के लिए जानबूझकर शनिवार का दिन चुना है। इस समय अमेरिका का ध्यान और सैन्य संसाधन इजरायल-ईरान युद्ध में फंसे हुए हैं। ऐसी अटकलें भी हैं कि अमेरिका ने दक्षिण कोरिया में तैनात अपने कुछ मिसाइल डिफेंस सिस्टम (THAAD और पैट्रियट) को मध्य पूर्व में शिफ्ट किया है। उत्तर कोरिया इसी ‘सुरक्षा अंतराल’ को परखने और सहयोगियों के संकल्प को चुनौती देने के लिए एक साथ 10 मिसाइलें दागकर अपनी ‘साल्वो’ क्षमता का प्रदर्शन कर रहा है।

सियोल और टोक्यो में हाई-लेवल अलर्ट, UNSC के नियमों का उल्लंघन

जापान की नवनिर्वाचित प्रधानमंत्री साना तकाइची ने तुरंत आपदा प्रबंधन केंद्र में एक संकट प्रतिक्रिया टीम को सक्रिय कर दिया है। दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति कार्यालय ने इसे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) के प्रस्तावों का खुला उल्लंघन बताते हुए कड़ा विरोध दर्ज कराया है। सियोल, वॉशिंगटन और टोक्यो के बीच रीयल-टाइम डेटा साझा किया जा रहा है ताकि मिसाइलों की सटीक क्षमता और प्योंगयांग की अगली चाल का पता लगाया जा सके।

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