
-ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर नकल कराने के एड, सोशल मीडिया पर बिक रहे पेपर
नई दिल्ली । हर छात्रों का सपना होता है कि वह अमेरिका में जाकर पढ़ाई करें, जिसके लिए उसके माता-पिता अपनी जिंदगी भर की कमाई उसकी पढ़ाई में लगा देते हैं। इसमें एडमिश न के लिए टेस्ट देना होता है इसको पास करने के बाद ही एडमिशन मिलता है, लेकिन दाखिले के लिए होने वाले स्टैंडर्ड एडमिशन टेस्ट में नकल होने के मामले सामने आए हैं। एसएटी साल में सात से आठ बार होता है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी कॉलेज बोर्ड के नेटवर्क में 187 देशों की 1700 टेस्टिंग साइट हैं। छात्र इनसाइट पर जाकर टेस्ट दे सकते हैं। तीन साल पहले कॉलेज बोर्ड ने रिटन टेस्ट की जगह डिजिटल एसएटी शुरू किया था। बोर्ड का कहना था इससे चीटिंग (नकल) कम होगी, क्योंकि टेस्ट में हर छात्र के लिए सवाल अलग होंगे, लेकिन ऐसा हुआ नहीं। टेस्ट के सवाल इंटरनेट, सोशल मीडिया और चीनी वेबसाइट्स पर पोस्ट किए गए हैं। इससे दुनियाभर के ऐसे बच्चे, जो अमेरिकी कॉलेजों में एडमिशन लेना चाहते हैं, उनके भविष्य के लिए खतरा खड़ा हो गया है। नवंबर में एक एसएटी ट्यूटर ने कॉलेज बोर्ड को चीटिंग की जानकारी दी थी। टेस्ट के कुछ माह पहले इंटरनेट पर पूरा पेपर आ गया।
मीडिया रिपोर्ट में चीन की एक साइट ब्लूबुक डॉट प्लस एसएटी का प्रैक्टिस टेस्ट लेती है। लेकिन उसके कुछ सवाल असल पेपर जैसे लगते हैं। छात्र पैसा देकर इनमें शामिल हो सकते हैं। यहां चौंकाने वाली बात ये है कि कॉलेज बोर्ड के अधिकृत प्लेटफॉर्म का नाम भी ब्लूबुक है। वेब ट्रैफिक साइट सिमिलर वेब के मुताबिक नवंबर में ब्लू बुक डॉट प्लस पर 8 लाख 75 हजार विजिटर आए।
धोखेबाजों ने लॉ स्कूल एडमिशन टेस्ट, ग्रेजुएट रिकॉर्ड एग्जामिनेशन जैसे डिजिटल टेस्ट में भी सेंध लगाई। ऐसे में एसएटी की सिक्योरिटी पर चिंता बढ़ी है।
कॉलेज बोर्ड ने माना है कि एसएटी में चीटिंग से 1फीसदी टेस्ट स्कोर प्रभावित होते हैं। बोर्ड ने ये भी स्वीकारा कि कुछ देशों में धोखेबाजों ने परीक्षा से जुड़ा कंटेंट शेयर करने के प्रयास किए हैं। कई एसएटी प्रेप वेबसाइट ब्लूबुक की सिक्योरिटी में सेंध लगाने के तरीके बताती हैं। ऑनलाइन विज्ञापनों में छात्रों के कंप्यूटर रिमोट पर लेकर टेस्ट देने की जानकारी रहती है। चीन की सरकार ने देश में एसएटी पर रोक लगा दी है।
अमेरिका में एक चीनी छात्र ने चीनी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर चीटिंग सेवाओं का एड देखने के बाद लॉ कॉलेजों की प्रवेश परीक्षा में धांधली का खुलासा किया था। दुबई स्थित ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर सवाल बेचे गए हैं। इन्हें डेटा स्टोरेज स्क्रिब्ड पर पोस्ट किया है। एक यूरोपीय ट्यूटर ने बताया कि छात्रों ने गूगल डॉक्स पर भी सवाल पोस्ट किए हैं। अमेरिकी कॉलेज बोर्ड के आग्रह पर स्क्रिब्ड से कई टेस्ट हटा लिए हैं, लेकिन बोर्ड चीन से सक्रिय साइट ब्लू बुक डॉट प्लस से नहीं निपट सका है।















