पाकिस्तान में तेल का ‘हाहाकार’: पेट्रोल ₹320 के पार, तो सिलेंडर के लिए देने पड़ रहे ₹5000; जानें क्या हैं आज के दाम

इस्लामाबाद/नई दिल्ली। पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच छिड़ी भीषण जंग की सबसे भयानक मार पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान पर पड़ी है। युद्ध की आग ने पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को झुलसा कर रख दिया है, जिससे वहां ‘तेल और गैस’ का भीषण संकट खड़ा हो गया है। हालात इतने बेकाबू हैं कि आम जनता अब दाने-दाने के साथ-साथ बूंद-बूंद ईंधन के लिए तरस रही है। आसमान छूती कीमतों और खत्म होते स्टॉक ने शहबाज सरकार की नींद उड़ा दी है।

पेट्रोल-डीजल की कीमतें 335 के पार, सरकार पर सब्सिडी का भारी बोझ

पाकिस्तान में पेट्रोल और डीजल की कीमतें पहले ही आम आदमी की पहुंच से कोसों दूर थीं, जो अब रिकॉर्ड स्तर पर बनी हुई हैं। वर्तमान में पेट्रोल PKR 321.17 प्रति लीटर और डीजल PKR 335.86 प्रति लीटर के ऐतिहासिक स्तर पर बिक रहा है। हालांकि, जनता के गुस्से को देखते हुए सरकार ने फिलहाल दाम नहीं बढ़ाए हैं, लेकिन इसके लिए सरकार को भारी कीमत चुकानी पड़ रही है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की तेजी के कारण सरकार को खुद पेट्रोल पर ₹95.59 और डीजल पर ₹203.88 प्रति लीटर की भारी सब्सिडी तेल कंपनियों को देनी पड़ रही है।

रसोई गैस और केरोसिन ने बुझाया गरीबों का चूल्हा

सबसे हृदयविदारक स्थिति रसोई गैस (LPG) और केरोसिन को लेकर है। ‘डॉन’ की रिपोर्ट के मुताबिक, 11.67 किलोग्राम वाले एलपीजी सिलेंडर की कीमत जो पहले करीब 3,150 PKR थी, वह अब उछलकर 5,135 PKR तक पहुंच गई है। वहीं, गरीबों का सहारा कहा जाने वाला केरोसिन (मिट्टी का तेल) भी महंगा होकर 433.40 PKR प्रति लीटर हो गया है। इस बेतहाशा महंगाई ने गरीब और मध्यम वर्ग के सामने दो वक्त की रोटी पकाने का संकट खड़ा कर दिया है।

आसमान छूता हवाई सफर: 28 दिनों में 5 बार बढ़े जेट फ्यूल के दाम

युद्ध की तपिश अब आसमान में भी महसूस की जा रही है। ‘द एक्सप्रेस ट्रिब्यून’ के अनुसार, कमर्शियल विमानों के ईंधन (Jet Fuel) की कीमतों में पिछले 28 दिनों में 5वीं बार बढ़ोतरी की गई है। जेट फ्यूल अब 476.97 PKR प्रति लीटर के सर्वकालिक उच्च स्तर पर है। मार्च की शुरुआत से अब तक इसमें ₹288 प्रति लीटर का इजाफा हो चुका है, जिससे विमान किराया आम जनता की पहुंच से पूरी तरह बाहर हो गया है।

उल्टी गिनती शुरू: पाकिस्तान के पास बचा है महज कुछ दिनों का स्टॉक

पेट्रोलियम विभाग के सचिव ने सीनेट की स्थायी समिति को जो आंकड़े दिए हैं, वे डराने वाले हैं। पाकिस्तान की ऊर्जा सुरक्षा अब ताश के पत्तों की तरह ढहने की कगार पर है। वर्तमान में पाकिस्तान के पास तेल और गैस का स्टॉक बहुत ही सीमित रह गया है:

  • एलपीजी (LPG): सिर्फ 9 दिन

  • कच्चा तेल (Crude Oil): सिर्फ 11 दिन

  • जेट फ्यूल: 14 दिन

  • डीजल: 21 दिन

  • पेट्रोल: 27 दिन

सप्लाई चेन ध्वस्त: 14 अप्रैल के बाद ‘अंधेरे’ का डर

पाकिस्तान अपनी जरूरत का 70% तेल मिडिल ईस्ट से आयात करता है, लेकिन युद्ध की वजह से शिपिंग रूट्स (समुद्री मार्ग) लगभग बंद हो गए हैं। ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ के जरिए तेल लाने के लिए पाकिस्तान अब ईरान से मिन्नतें कर रहा है। फेडरेशन ऑफ पाकिस्तान चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (FPCCI) के मुताबिक, ईरान से होने वाली रोजाना की गैस सप्लाई भी छुट्टियों और युद्ध के कारण घटकर आधी रह गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि 14 अप्रैल तक हालात नहीं सुधरे, तो पाकिस्तान में पूर्ण ‘एनर्जी लॉकडाउन’ की स्थिति बन सकती है।

खबरें और भी हैं...

Leave a Comment