मजदूरी मांगने पर दे दी मौत….

गोपाल त्रिपाठी
गोरखपुरः बेलीपार थाना क्षेत्र के चेरिया गांव में शनिवार की सुबह मजदूरी मांगने पर ठेकेदार के पुत्रों ने मजदूर को गोलियों से भून कर मौत के घाट उतार दिया। इतना ही नहीं हत्यारों ने मानवीय संवेदनाओं को ताक पर रखते हुए शव को पैरों से भी रौंदा। घटना के बाद से गांव में भय का माहौल है। सूचना मिलने पर एसपी दक्षिणी व सीओ बांसगांव कई थाने की पुलिस फोर्स के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए हत्यारोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
जानिए पूरा मामला 
थाना क्षेत्र के बडकी चेरिया निवासी रामा चैधरी का मझला पुत्र कमलेश 35 अपने भाईयों के साथ विशाखापट्टनम में गांव के ही ठेकेदार संतराज यादव के ठेके पर पेंट पालिस का काम करता था। गुरूवार की रात वह गांव पहुंचा। शनिवार की सुबह वह पत्नी की डिलेवरी कराने के लिए पैसे के इंतजाम में जुटा हुआ था। परिजनों ने आरोप लगाया कि इसी दौरान ठेकेदार के पुत्र रूपेश यादव व वीरू यादव ने कमलेश को गांव के बाहर चैराहे पर घेर लिया और पिता से मजदूरी का पैसा मांगने की बात को लेकर सरेआम मारना पीटना शुरू कर दिया।
इसी दौरान आरोपियों ने उस पर तमंचे से फायर झोंक दिया। सिर में दो गोली लगते ही कमलेश जमीन पर गिर पडा। उसके मौत के बाद हत्यारोपियों ने पैर से शव पर कई बार प्रहार किया। हत्यारोपियों ने भीड को धमकी दी कि यदि किसी ने उनके खिलाफ कुछ बोला तो उसका भी यही हश्र किया जाएगा। सूचना पाकर पुलिस अधीक्षक दक्षिणी ज्ञान प्रकाश चतुर्वेदी, सीओ बांसगांव बीपी सिंह बेलीपार, बांसगांव व गगहा थाने के पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंच गए। इधर घटना के बाद रूपेश व वीरू घर में ताला बंद कर परिवार के साथ फरार हो गए।
पेंट पालिस कर परिवार का करता था जीविकोपार्जन
कमलेश अपने बडे भाई कृष्णमोहन व छोटे भाई संतोष के साथ चेन्नई के विशाखापट्टनम में पेंट पालिस कर परिवार का जीविकोपार्जन करते था। जहां पर गांव के अन्य मजदूर भी काम करते हैं। ग्रामीणों ने बताया कि वे लोग गांव के ही ठेकेदार संतराज यादव के ठेके पर ही काम करते थे। ऐसे में उन्हें रोजाना मजदूरी नहीं मिलती थी। बडे भाई कृष्णमोहन ने बीते सोमवार को ठेकेदार से मजदूरी मांगी थी मगर उसने नहीं दिया। जिस पर वाद विवाद भी हुआ था। इधर पत्नी की डिलेवरी की सूचना पर कमलेश गांव आ गया। जहां विवाद की खुन्नस से खार खाए ठेकेदार के पुत्रों ने उसे मौत के घाट उतार दिया।
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