सियासत : राजा भैया ने खेला सवर्ण कार्ड, कहा आरक्षण नीति की हो समीक्षा….

लखनऊ । पच्चीस वर्ष से लगातार एक ही सीट से निर्दलीय विधायक रहकर रिकार्ड बनाने वाले रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया ने सवर्ण कार्ड खेलते हुये आरक्षण नीति की समीक्षा करने की मांग उठा दी है।
जनसत्ता दल नामक राजनीतिक पार्टी का गठन कर रहे राजा भैया ने कहा कि यह कौन सा न्याय है कि आरक्षण का लाभ ले चुके आईएएस,आईपीएस जैसे वरिष्ठ अधिकारियों के बच्चों को भी इसका फायदा मिले। संविधान में संशोधन होना चाहिये।आरक्षण का लाभ लेकर वरिष्ठ पद पा चुके लोगों के बच्चों को इसका फायदा नहीं मिलना चाहिये। यह आरक्षण उसी वर्ग के दूसरे लोगों को मिलना चाहिये ताकि दूसरे परिवार को भी इसका लाभ मिल सके। इसके साथ ही उन्होंने प्रमोशन में आरक्षण दिये जाने को भी गलत ठहराया।
प्रतापगढ़ जिले की कुण्डा सीट से विधायक राजा भैया ने शुक्रवार को पत्रकारों से कहा कि दलित उत्पीड़न अधिनियम का दुरुपयोग किया जा रहा है। सरकार दलितों के लिये अलग प्राविधान कर समाज से उन्हें काट रही है। उनका कहना था कि दलितों की बच्चियों का बलात्कार या दलितों की हत्या होने पर उन्हें नगद रुपये दिये जाते हैं, ऐसा ही प्राविधान अन्य वर्ग के लिये क्यों नहीं किया जाता।
उन्होंने कहा कि दलितों के सबसे बड़े आदर्श डॉ. भीमराव आम्बेडकर संविधान के निर्माता हैं, यदि उन्हें दलितों के सम्बन्ध में ऐसे कानून बनाने की जरूरत महसूस होती तो क्या वह चूकते। उन्होंने कहा कि डॉ. आम्बेडकर ने दलितों के हित में संविधान में जायज व्यवस्था की है लेकिन बाद में वोट के लालच में अन्य कानून भी लागू करवा दिये गये।
उनका कहना था कि दलित उत्पीड़न अधिनियम को राजीव गांधी के प्रधानमंत्रित्वकाल में लागू किया गया था, लेकिन इस सरकार ने संविधान में संशोधन करवाकर इस अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज होते ही पहले गिरफ्तारी को जरूरी बनवाकर अन्य वर्गों के साथ अन्याय कर दिया है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण उच्चतम न्यायालय के आदेश के अनुसार होना चाहिये। इससे जुड़े सभी पक्षों को न्यायालय के आदेश आने तक इंतजार करना चाहिये।
राजा भैया आगामी तीस नवम्बर को लखनऊ के रमा बाई अम्बेडकर मैदान में एक रैली करने जा रहे हैं। रैली में वह लाेकसभा चुनाव लड़ने सहित विभिन्न मुद्दों के बारे में विस्तार से बताएंगे।

राजा भैया ने की नये दल के गठन का एेलान

लोकसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी (सपा) विधायक शिवपाल सिंह यादव द्वारा नये दल के गठन के बाद निर्दलीय विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया ने शुक्रवार को नई राजनीतिक पार्टी बनाने का विधिवत एेलान कर दिया।

प्रतापगढ़ के कुंडा से पिछले लगातार पांच चुनाव से निर्दलीय विधायक के रूप में सदन में पहुंचने वाले पूर्व मंत्री रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया ने पत्रकारों के एक सम्मेलन में अपनी इस मंशा का इजहार किया।

राजा भैया ने कहा “ हमें प्रदेश भर से लोगों का बेहतर समर्थन मिल रहा है। चुनाव आयोग से जुड़ी औपचारिकताएं पूरी होने पर पार्टी की कार्यकारिणी का गठन किया जाएगा। हम जनता के मुद्दों को उठाएंगे। नई पार्टी के लिये चुनाव आयोग को तीन नाम भेजे गये हैं। ”

विधायक के तौर पर पिछले ढाई दशक से कार्यरत राजा भैया ने कहा कि दलित और गैर दलित के बीच मिलने वाली सरकारी सुविधाओं में भेदभाव हो रहा है, जिसका हम विरोध करेंगे। कुछ मुद्दे ऐसे हैं जिसपर सियासी पार्टियां सदन और बाहर कहीं भी नहीं बोलते।

लखनऊ में 30 नवंबर को अपनी पार्टी की रैली की तैयारी में लगे निर्दलीय विधायक ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुये कहा कि संसद में एससी-एसटी एक्ट में संशोधन न्यायसंगत नहीं है। पदोन्नति में आरक्षण प्रतिभाओं के साथ अन्याय है। अगर एक बार किसी को आरक्षण का लाभ मिला तो आगे उसको लाभ नहीं मिलना चाहिए। हमारी पार्टी इसके खिलाफ मोर्चा खोलेगी।

 

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