
- शिकायतकर्ता का बिना फीडबैक लिए न करे शिकायत का निस्तारण अन्यथा होंगे जिम्मेदार- आकांक्षा सिंह
- समय से हो सभी शिकायतो का निस्तारण नही तो भेजी जाएगी उच्चाधिकारियो को रिपोर्ट
कोरांव, प्रयागराज। शनिवार कों उपजिलाधिकारी कोरांव आकांक्षा सिंह की अध्यक्षता मे संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन तहसील सभागार मे सम्पन्न हुआ इस मौके पर कुल 198 शिकायत आई जिसमे निस्तारण एक का भी मौके पर नही हो सका पहले भी संपूर्ण समाधान दिवस मे शिकायत आई थी लेकीन निस्तारण एक का भी नही हो सका था।
आई हुई शिकायतो कों संबधित विभाग कों गुणवक्ता पूर्वक शिकायतकर्ता का फीडबैक लेकर डिफॉल्टर होने के पहले निस्तारण करने के लिए सभी विभाग कों उपजिलाधिकारी व तहसीलदार ने निर्देशित किया समाधान दिवस मे उपजिलाधिकारी के अलावा तहसीलदार कोरांव, नायब डैया राममूरत, प्रभारी निरीक्षक थाना कोरांव नितेंद्र कुमार शुक्ला, समेत अन्य विभाग के जिम्मेदार मौजूद रहे।
समुचित निस्तारण न होने सें फरियादियों ने संपूर्ण समाधान दिवस मे धीरे धीरे आना बंद कर दिया-

लाख शिकायत करते फिरिये लेकीन कोई सुनवाई नही होता केवल बैठे बैठे रटी रटाई मन गढ़ंत आख्या पोर्टल पर अपलोड कर निस्तारण कर दिया जाता है I GRS के बनाये गए नोडल व जिम्मेदार अधिकारी भी कार्रवाही निष्पक्षता सें करने मे कतराते है या डर दबाव मे कार्रवाही नही करते जिससे कर्मचारी मनबढ़ हो चुके है।
जिससे सरकार के लाख कड़े निर्देश के बावजूद जनता कों हकीकत मे शिकायत करने के बावजूद कोई न्याय नही मिल पा रहा बल्कि कही न कही जनता का आने जाने मे भाड़ा किराया मे काफी धन खर्चा हो रहा जलालत अलग सें झेलना पड़ रहा जो गरीब निरीह लाचार लोग है वे तहसील का चक्कर काटते काटते चप्पल घिस जा रहा लेकीन उनका कोई सुनने वाला नही है वही दूसरी तरफ तहसील के जिम्मेदार अधिकारी अपनी जिम्मेदारी कों बखूबी निभाने सें कही न कही अछूते है।
उदाहरण के तौर पर शनिवार कों आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस की अध्यक्षता कर रही उपजिलाधिकारी कोरांव आकांक्षा सिंह ने संबधित विभाग कों कड़े निर्देश निस्तारण करने के लिए दिया लेकीन सबसे ज्यादा शिकायत राजश्व की ही 75 शिकायत आई ज्यादातर संपूर्ण समाधान दिवस की अध्यक्षता उपजिलाधिकारी द्वारा ही किया जाता है।
लेकीन तहसील के जिम्मेदार आलाअफसर अपने विभाग सें आने वाली शिकायतो कों संख्या कम नही करा पा रहे जिसका खामियाजा जनता कों भुगतना पड़ रहा जबसे ज्यादा वाद विवाद राजश्व की लचिले पन सें हो रहा है आयेदिन मारपीट बलवा हत्या अब तक जो भी हुआ है वह जमीनी विवाद कों लेकर हुआ है यदि समय रहते हुये सुधार नही हो सका तो इसका जवाब जनता आने वाले अगले चुनाव मे देगी।