नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने आगामी राज्यसभा चुनावों के लिए अपनी बहुप्रतीक्षित सूची जारी कर दी है। पार्टी ने बिहार, असम, छत्तीसगढ़, हरियाणा, ओडिशा और पश्चिम बंगाल जैसे महत्वपूर्ण राज्यों से कुल 9 उम्मीदवारों के नामों का ऐलान किया है। इस लिस्ट की सबसे खास बात यह है कि बीजेपी ने बाहरी चेहरों के बजाय संगठन में जमीनी स्तर पर काम करने वाले अनुभवी नेताओं को तरजीह दी है।
बिहार में सवर्ण-दलित समीकरण: नितिन नवीन और शिवेश राम को मिला मौका
बिहार की राजनीति के लिहाज से बीजेपी का फैसला काफी चौंकाने वाला और रणनीतिक रहा है। पार्टी ने बिहार से नितिन नवीन और शिवेश राम को मैदान में उतारा है। नितिन नवीन पटना के बांकीपुर से पांच बार के विधायक हैं और उनकी संगठन पर मजबूत पकड़ मानी जाती है। वहीं, युवा नेता शिवेश राम को भी टिकट देकर पार्टी ने दलित कार्ड खेला है। दिलचस्प बात यह है कि इन दोनों नेताओं के पिता भी बीजेपी के पुराने और कद्दावर नेता रहे हैं। हालांकि, इस घोषणा के साथ ही राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा के राज्यसभा जाने की चर्चाओं पर फिलहाल विराम लगता दिख रहा है।
पश्चिम बंगाल और हरियाणा में मजबूत चेहरों पर भरोसा
पश्चिम बंगाल की सियासत में बीजेपी ने अपने पुराने और भरोसेमंद चेहरे राहुल सिन्हा को राज्यसभा के लिए चुना है। राहुल सिन्हा राज्य में पार्टी का प्रमुख चेहरा रहे हैं और विपरीत परिस्थितियों में भी संगठन के साथ खड़े रहे हैं। वहीं, हरियाणा से संजय भाटिया को टिकट दिया गया है। प्रशासनिक अनुभव रखने वाले भाटिया को संगठन का ‘संकटमोचक’ माना जाता है। हरियाणा की दो सीटों पर होने वाले चुनाव के लिए भाटिया का नाम तय होना पार्टी की भविष्य की रणनीति को साफ करता है।
असम, ओडिशा और छत्तीसगढ़ में क्षेत्रीय दिग्गजों को कमान
असम में तीन सीटों पर होने वाले चुनाव के लिए बीजेपी ने तेराश गोवाला और जोगेन मोहन पर दांव लगाया है, जो राज्य की स्थानीय राजनीति में खासे सक्रिय रहे हैं। ओडिशा में अपनी मजबूत स्थिति का फायदा उठाते हुए पार्टी ने मनमोहन समल और सुजीत कुमार को प्रत्याशी बनाया है। उधर, छत्तीसगढ़ से लक्ष्मी वर्मा को टिकट देकर बीजेपी ने महिला सशक्तिकरण और संगठन में सक्रियता का संदेश दिया है। लक्ष्मी वर्मा लंबे समय से महिला मोर्चा में सक्रिय रही हैं।
चुनाव का पूरा गणित और तारीखें
देश के 10 राज्यों की 37 राज्यसभा सीटों के लिए सियासी घमासान शुरू हो चुका है। इन सीटों के लिए 16 मार्च को मतदान होना है। उम्मीदवारों के पास नामांकन दाखिल करने के लिए 5 मार्च तक का समय है। बीजेपी की इस लिस्ट से साफ है कि पार्टी आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए अपने कैडर को मजबूत करने और सोशल इंजीनियरिंग (सवर्ण-दलित गठबंधन) को साधने में जुटी है।















