भोजन का नहीं, बुरे विचार का करो त्याग: मुनि सागर 

भास्कर समाचार सेवा


मेरठ। आचार्य अभिनंदन सागर महाराज के शिष्य मुनि अनुसरण सागर महाराज ने महावीर जयंती भवन के प्रांगण में धर्म सभा को संबोधित करते हुए कहा, सावन और भादौ के पवित्र मास में सभी धर्म और आम्नाय त्याग, व्रत, उपवास करने की प्रेरणा देते हैं और भोजन, पानी आदि का त्याग कर देते हैं लेकिन, ध्यान रखना भोजन, पानी का त्याग कर देना आसान है लेकिन, मन में बुरे विचार का त्याग करना कठिन है। 

उन्होंने कहा, आज कल व्यक्ति के मुख से गाली गलौच निकालना आसान है लेकिन, भगवान का नाम निकल पाना कठिन है। पहले कहते थे सुबह उठकर भगवान का नाम लेना चाहिए और यदि उठते ही किसी का फोन आ जाए तो व्यक्ति के लिए भगवान का नाम छोड़कर मुख से बुरे शब्द निकालना आसान हो जाता है। बंधु ध्यान रखना भोजन का त्याग करना सरल है लेकिन, बुरे विचार और बुरी भावना का त्याग करना कठिन है, इसलिए हमे भोजन के त्याग से उठकर बुरे विचार के त्याग को महत्व देना चाहिए। जब तक बुरे विचार का त्याग नही होगा, तब तक भोजन का त्याग का कोई महत्व आपके जीवन में फलदाई होने वाला नहीं है। 

मीडिया प्रभारी सुनील कुमार जैन प्रवक्ता ने बताया कि 11 दिसंबर से होने वाले पंचकल्याणक की तैयारियां जोरों शोरों से चल रही हैं। सुरेश जैन ऋतुराज, वीरेंद्र जैन, प्रवीण जैन, धीरज जैन, सुरेंदर जैन, अनिल जैन, तथा विनोद जैन आदि का विशेष सहयोग रहा।

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