सेफ हाउस : रूसी हमले से जूझ रहे 60 हजार यूक्रेनी नागरिकों ने इटली से मांगी मदद

इटली में कभी माफिया और अपराध के ठिकाने अब यूक्रेन से आए लोगों के सेफ हाउस बन रहे हैं। रूस-यूक्रेन जंग से विस्थापित हुए करीब 60 हजार यूक्रेनी नागरिकों ने इटली से शरण मांगी है। इससे निपटने और उनकी जरूरतों को पूरा करने के लिए इटली सरकार ने इनोवेटिव पहल की है। सरकार माफियाओं से छुड़ाई गई प्रोपर्टी में यूक्रेन से आए शरणार्थियों को पनाह दे रही है।

इटली ने माफियाओं की हजार से अधिक संपत्तियां की हैं जब्त

मार्च में इस योजना की घोषणा की गई थी। पिछले 40 साल में इटली ने माफिया की 36 हजार से अधिक संपत्तियां जब्त की हैं। अकेले 2021 में ही संगठित अपराधियों की 16 हजार करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त की है। इसमें आलीशन बंगलों से लेकर अपार्टमेंट, अंडरग्राउंड गैरेज से लेकर एग्रीकल्चर लैंड तक शामिल है। इस संपत्ति का प्रबंधन चुनौतीपूर्ण है। इसके रखरखाव की लागत का बोझ पूरी तरह से स्थानीय सरकार पर डाल दिया गया है।

1996 में पारित हुआ था संपत्ति जब्त का कानून

यूरोपियन रिसर्च इंस्टीट्यूट ऑन कोऑपरेटिव एंड सोशल इंटरप्राइजेज की रिसर्चर्स कैटरिना डी बेनेडिक्टि बताती हैं- इनका रखरखाव स्थानीय सरकार की क्षमता से बाहर है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, इन्हें खाली छोड़ना बड़ी चूक हो सकती है। ऐसा होने पर फिर से अपराधियों का बोलबाला हो जाएगा। बता दें कि सिसिली के चर्चित माफिया-विरोधी अभियोजक जियोवानी फाल्कन और पाओलो बोर्सेलिनो की हत्याओं के 4 साल बाद 1996 में इतालवी संसद ने स्थानीय सरकारों को माफिया के स्वामित्व वाली संपत्ति जब्त करने का अधिकारी देने वाला कानून पास किया था।

साल 2019 में कानून में संशोधन हुआ, जो जब्त संपत्तियों में से कुछ को निजी लोगों को बेचने की अनुमति देता है। इस संशोधन का आम नागरिक, वर्कर्स और कानूनी विशेषज्ञ विरोध कर रहे हैं, क्योंकि इन संपत्तियों को बाजार में वापस लाने का मतलब उन्हें संगठित अपराधियों की ओर से वापस खरीदे जाने के जोखिम में डालना है।

देश छोड़ने वाले 20 लाख लोग यूक्रेन लौटे

कीव यूक्रेन पर रूस के हमलों को 102 दिन बीत चुके हैं और इस युद्ध का कहीं भी अंत नहीं दिख रहा है। संयुक्त राष्ट्र की शरणार्थी एजेंसी के मुताबिक 24 फरवरी से हमलों के चलते करीब 70 लाख लोग यूक्रेन छोड़कर दूसरे देशों में चले गए और करीब इतने ही लोग देश में विस्थापित हुए। अनुमान के मुताबिक, विस्थापित होने वालों में दो तिहाई तो बच्चे हैं। सबसे ज्यादा 37 लाख लोग पोलैंड गए। हालांकि यूक्रेन ने हमलों का पलटवार किया, तो देश छोड़कर जाने वाले वतन भी लौटने लगे। अनुमान के मुताबिक करीब 20 लाख लोग यूक्रेन लौट चुके हैं।

युद्ध के बाद भारत करेगा पुनर्निर्माण में मदद-यूक्रेन

यूक्रेन ने उम्मीद जताते हुए कहा कि युद्ध खत्म होने के बाद भारत सक्रिय रूप से पुनर्निर्माण में मदद करेगा। राजनयिक सूत्रों के हवाले ये यह दावा एक रिपोर्ट में किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, युद्ध के बाद सुरक्षा की गारंटी देने के लिए यूक्रेन ने राजनयिक चैनलों से भारत से संपर्क किया है।

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