मिडिल ईस्ट में सुरक्षा संकट: CBSE ने 7 खाड़ी देशों में 12वीं की परीक्षाएं कीं रद्द, पढ़ें लेटेस्ट अपडेट

नई दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने मध्य पूर्व (पश्चिम एशिया) में गहराते युद्ध और सुरक्षा संकट को देखते हुए एक बड़ा निर्णय लिया है। बोर्ड ने खाड़ी देशों में आयोजित होने वाली कक्षा 12वीं की शेष सभी बोर्ड परीक्षाओं को रद्द कर दिया है। 15 मार्च 2026 को जारी ‘सर्कुलर-6’ के माध्यम से बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि बहरीन, ईरान, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में 16 मार्च से 10 अप्रैल 2026 के बीच होने वाली सभी परीक्षाएं अब नहीं होंगी।

युद्ध के बीच सुरक्षा सबसे ऊपर: 7 देशों में परीक्षाएं रद्द

ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच बढ़ते सैन्य तनाव और मिसाइल हमलों की आशंका के कारण इन देशों में स्थिति काफी संवेदनशील बनी हुई है। बोर्ड ने अपने आधिकारिक नोटिस में कहा है कि प्रभावित क्षेत्रों के स्कूलों और स्थानीय अधिकारियों से मिले सुझावों की समीक्षा के बाद यह कदम उठाया गया है। बोर्ड ने यह भी साफ किया है कि जिन परीक्षाओं को पहले ‘स्थगित’ किया गया था, उन्हें भी अब पूरी तरह से ‘रद्द’ माना जाएगा।


प्रमुख फैसले और प्रभावित देश

स्थिति विवरण
प्रभावित देश बहरीन, ईरान, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (UAE)
परीक्षा की अवधि 16 मार्च से 10 अप्रैल 2026 के बीच होने वाली सभी परीक्षाएं
पिछला स्टेटस 1, 3, 5, 7 और 9 मार्च को स्थगित परीक्षाएं भी अब रद्द मानी जाएंगी
कक्षा 10वीं बोर्ड पहले ही इन देशों में 10वीं की परीक्षाएं रद्द कर चुका है

परिणाम (Results) को लेकर क्या है योजना?

परीक्षाएं रद्द होने के बाद हजारों भारतीय छात्रों और अभिभावकों के मन में परिणाम घोषित करने के तरीके को लेकर चिंता बनी हुई है। बोर्ड ने सर्कुलर में स्पष्ट किया है कि:

  • अलग अधिसूचना: कक्षा 12वीं के प्रभावित छात्रों के लिए परिणाम घोषित करने की प्रक्रिया और मूल्यांकन का तरीका जल्द ही अलग से अधिसूचित किया जाएगा।

  • संभावित आधार: जानकारों का मानना है कि सीबीएसई आंतरिक मूल्यांकन (Internal Assessment), प्रैक्टिकल परीक्षा के अंकों और पिछले शैक्षणिक रिकॉर्ड के आधार पर ‘वैकल्पिक मूल्यांकन फॉर्मूला’ तैयार कर सकता है।

  • वेबसाइट पर नज़र: छात्रों को सलाह दी गई है कि वे केवल आधिकारिक वेबसाइट cbse.gov.in पर दी गई जानकारी पर ही भरोसा करें।

मध्य पूर्व में भारतीय स्कूलों की स्थिति

मध्य पूर्व के इन देशों में बड़ी संख्या में भारतीय समुदाय के लोग रहते हैं, जहाँ सीबीएसई से संबद्ध लगभग 150 से अधिक स्कूल संचालित होते हैं। मौजूदा तनावपूर्ण माहौल और उड़ानों के प्रभावित होने के कारण सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त है। ऐसे में छात्रों को परीक्षा केंद्रों तक बुलाना एक बड़ा सुरक्षा जोखिम हो सकता था, जिसे देखते हुए बोर्ड ने छात्रों की मानसिक शांति और सुरक्षा को सर्वोपरि रखा है।

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