खजूर की मिठास के साथ सरकार पर तीखे प्रहार !….इरफान सोलंकी की भावुक अपील और सरकार को खुली चुनौती

-जब कन्नौज की गलियों में गूंजीं इबादत की सदाएं, तो मंच से तय हो गई 2027 की सियासी दिशा

कन्नौज। रविवार को बाबा हाजी शरीफ दरगाह ग्राउंड का नज़ारा कुछ ऐसा था कि जैसे इबादत और राजनीति का ‘कोलाज’ बन गया हो। एक तरफ रोजेदारों के हाथों में खजूर थी, तो दूसरी तरफ आंखों में 2027 का सपना। सपा की इस इफ्तार पार्टी ने साबित कर दिया कि गंगा-जमुनी तहजीब सिर्फ एक शब्द नहीं, बल्कि पार्टी की वह ताकत है जिसे ‘पीडीए’ का कवच मिला हुआ है।

इरफान सोलंकी की भावुक अपील और सरकार को खुली चुनौती

मंच पर सीसामऊ (कानपुर) के पूर्व विधायक इरफान सोलंकी जब माइक के पास आए, तो माहौल में एक अलग ही गंभीरता छा गई। उन्होंने अपने जेल के अनुभव को कुछ इस तरह साझा किया कि वहां मौजूद लोग सन्न रह गए। सोलंकी ने कहा कि “जेल की दुनिया बहुत ही खौफनाक है। अल्लाह दुश्मन को भी उस नर्क में न भेजे। मैं सिर्फ अपने लिए नहीं, आजम खान साहब की रिहाई के लिए भी दुआ मांगता हूं।”
लेकिन, निजी पीड़ा के बीच उनका राजनेता वाला तेवर कम नहीं हुआ। गैस किल्लत और बढ़ती महंगाई पर उन्होंने सीधे सरकार को कठघरे में खड़ा किया और कहा कि “प्रधानमंत्री जी और मुख्यमंत्री जी, क्या आपको जनता की चीखें सुनाई नहीं देतीं? कालाबाजारी करने वालों पर एक्शन क्यों नहीं हो रहा? अगर नहीं संभल रहा, तो इस्तीफा दीजिए।”

“पीडीए” का नया फार्मूला: सिर्फ सरकार नहीं, व्यवस्था बदलेंगे

मुलायम सिंह यूथ ब्रिगेड के प्रदेश अध्यक्ष अनीस राजा ने जब मंच संभाला, तो उन्होंने सीधे ‘मिशन 2027’ का बिगुल फूंक दिया। उनके शब्दों में आत्मविश्वास साफ झलक रहा था। उन्होंने कहा कि “हम पीडीए का वो सैलाब हैं जिसे अब कोई रोक नहीं सकता। सपा मुखिया अखिलेश यादव की सोच के साथ हम सब मिलकर 2027 में सत्ता का तख्तापलट करेंगे। अब और इंतजार नहीं, अब बदलाव की बारी है।”

कौन-कौन रहा चर्चा में?

कार्यक्रम का संचालन और व्यवस्था समाजवादी युवजन सभा के प्रदेश उपाध्यक्ष हसीब हसन के नेतृत्व में ऐसी थी कि हर वर्ग का प्रतिनिधि वहां मौजूद दिखा। जिलाध्यक्ष मो. कलीम खान से लेकर वरिष्ठ नेता जय कुमार तिवारी “बऊअन”, पूर्व विधायक अरविंद यादव, कल्याण सिंह दोहरे समेत पूरी ‘सपा ब्रिगेड’ एक साथ खड़ी नजर आई।

इनकी रही मौजूदगी
कौसर खान, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष तहसीन सिद्दीकी, सदर हाजी शरीफ, विधानसभा अध्यक्ष पी. पी. सिंह वघेल, अनिल पाल, फहीम खान, जानू खान, मुस्ते हसन, भोले कुरैशी, आकाश शाक्य, यश कुमार दोहरे, आरिफ ज़मा, नाज़िम खान, अंशू पाल, शाहिद वारसी, विवेक पाल, श्याम सिंह यादव, शशिमा सिंह दोहरे, कमलेश कटियार, राकेश कठेरिया, रजनीकांत यादव, भानू गुप्ता, शकील अहमद, हाजी फैजान खान, तुफैल अहमद, मो. दानिश, आनंद बाबू यादव, शिब्बू तिवारी, नितिन यादव, आशीष यादव, मुस्लिम राईन, मो. नदीम, मो. राशिद खान, मो. निजामुद्दीन, फैसल वारसी, आसिफ सिद्दीकी, मसूद अहमद भुट्टो, रामवीर कठेरिया, तल्हा खान, मुकीम खान, शानू सिद्दीकी, बिट्टू सिद्दीकी, दिलशाद खान, रवि यादव, योगेश शर्मा (छात्रसभा जिलाध्यक्ष), चंद्रभान दोहरे, अवनीश यादव, अंशुल गौतम, रमेश दोहरे, आज़म खान, वसीम हसन लल्ला, अजीम सिद्दीकी, तस्लीम वारसी, गुफ़रान, कल्लू पाल, आशीष यादव (बीडीसी), सिबतेन रजा, गुलशाद अहमद, सौरभ रत्न यादव, फहीम निस्तोली, रिंकू और शानू खान सहित हजारों कार्यकर्ता और रोजेदार मौजूद रहे।

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