किम परिवार में अंदरूनी घमासान के संकेत: क्या उत्तर कोरिया को पहली महिला सुप्रीम लीडर मिलेगी? जानिए अब तक का इतिहास

प्योंगयांग/सियोल: दुनिया के सबसे रहस्यमयी देश उत्तर कोरिया के शाही परिवार ‘किम वंश’ के भीतर सत्ता को लेकर बड़ा घमासान मचने के संकेत मिल रहे हैं। दक्षिण कोरिया की जासूसी एजेंसी ‘नेशनल इंटेलिजेंस सर्विस’ (NIS) के एक ताजा दावे ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल मचा दी है। खबर है कि तानाशाह किम जोंग उन अपनी 13 वर्षीय बेटी किम जू ऐ को देश की अगली ‘सुप्रीम लीडर’ बनाने की जमीन तैयार कर रहे हैं। लेकिन सत्ता की इस राह में सबसे बड़ा रोड़ा किम की बेहद ताकतवर और रसूखदार बहन किम यो जोंग बन सकती हैं।

13 साल की ‘प्रिंसेस’ ने बदली उत्तर कोरिया की सियासत

कभी माना जाता था कि पितृसत्तात्मक समाज वाले उत्तर कोरिया में किसी महिला का शीर्ष पद पर बैठना नामुमकिन है, लेकिन किम जू ऐ की बढ़ती सक्रियता ने इन दावों को झुठला दिया है। नवंबर 2022 में मिसाइल लॉन्च के दौरान पहली बार दुनिया के सामने आई जू ऐ अब सैन्य परेडों, हथियारों के परीक्षण और विदेशी दौरों पर साये की तरह अपने पिता के साथ रहती हैं। खुफिया अधिकारियों की मानें तो इस महीने होने वाली ‘वर्कर्स पार्टी कांग्रेस’ में जू ऐ को आधिकारिक तौर पर उत्तराधिकारी घोषित किया जा सकता है।

बुआ बनाम भतीजी: सत्ता की कुर्सी के लिए मचेगा कोहराम?

किम जोंग उन की बहन किम यो जोंग (38 वर्ष) वर्तमान में देश की दूसरी सबसे शक्तिशाली शख्सियत मानी जाती हैं। राजनीति और सेना, दोनों ही मोर्चों पर उनकी मजबूत पकड़ है। न्यूयॉर्क पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, पूर्व खुफिया अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि किम यो जोंग अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं को आसानी से नहीं छोड़ेंगी। किम यो जोंग अपनी तीखी बयानबाजी और दक्षिण कोरिया को ‘मिटा देने’ जैसी धमकियों के लिए जानी जाती हैं। जानकारों का कहना है कि अगर उन्हें जरा भी मौका मिला, तो वह शीर्ष पद हथियाने से पीछे नहीं हटेंगी, जो भविष्य में बुआ और भतीजी के बीच खूनी संघर्ष की वजह बन सकता है।

खून से सना रहा है किम परिवार का इतिहास

उत्तर कोरिया में सत्ता के लिए अपनों का खून बहाना कोई नई बात नहीं है। किम जोंग उन ने 2011 में सत्ता संभालने के बाद अपने ही चाचा जांग सोंग थाएक को ‘देशद्रोही’ करार देकर फायरिंग दस्ते से मरवा दिया था। इतना ही नहीं, 2017 में मलेशिया के एयरपोर्ट पर किम के सौतेले भाई किम जोंग नाम की नर्व एजेंट के जरिए संदिग्ध हत्या कर दी गई थी। इतिहास गवाह है कि किम वंश में कुर्सी की चुनौती देने वाले का अंजाम बेहद खौफनाक होता है।

परमाणु शक्ति और भविष्य की अनिश्चितता

आज उत्तर कोरिया के पास करीब 50 परमाणु बम और घातक बैलिस्टिक मिसाइलों का जखीरा है। ऐसे में वहां की सत्ता में होने वाला कोई भी फेरबदल पूरी दुनिया की सुरक्षा के लिए चिंता का विषय है। अगर परिवार के अंदर कलह बढ़ती है, तो परमाणु हथियारों के नियंत्रण को लेकर भी बड़े सवाल खड़े हो जाएंगे। फिलहाल पूरी दुनिया की नजरें प्योंगयांग में होने वाली आगामी राजनीतिक बैठक पर टिकी हैं।  

खबरें और भी हैं...

Leave a Comment

30 + = 35
Powered by MathCaptcha