‘सॉरी पापा, मैं सिपाही नहीं बन पाया’, प्रतियोगी छात्र ने फांसी लगाकर दी जान, कमरे से मिला 2 पन्ने का सुसाइड नोट

Kanpur Crime News: उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे एक छात्र ने फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली. छात्र के पास से पुलिस को दो पन्नों का एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है, जिसमें उसने अपने दिल का दर्द बयां किया है. घटना की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है.

दोस्त ने देखा खौफनाक मंजर

यह दर्दनाक घटना कानपुर के बिठूर थाना क्षेत्र के होरा बांगर इलाके की है. कानपुर देहात के रसूलाबाद निवासी सेना से रिटायर्ड और वर्तमान में बिजली विभाग में कंप्यूटर ऑपरेटर जयवीर सिंह के 25 वर्षीय बेटे अजीत उर्फ जीतू ने यह खौफनाक कदम उठाया. जीतू पिछले तीन साल से अपने ताऊ के निर्माणाधीन मकान में अकेले रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था. मंगलवार को जब उसके दोस्त ने उसे कोचिंग के लिए फोन किया तो कोई जवाब नहीं मिला. अनहोनी की आशंका में जब दोस्त उसके कमरे पर पहुंचा तो दरवाजा अंदर से बंद था. किसी तरह दरवाजा खोलने पर अंदर का मंजर देख उसके होश उड़ गए. जीतू का शव फांसी के फंदे से लटका हुआ था.

कमरे से शराब की बोतल और सिगरेट बरामद

दोस्त ने तुरंत घटना की सूचना पुलिस और जीतू के परिजनों को दी. मौके पर पहुंची पुलिस और फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल की जांच की. पुलिस को कमरे से शराब की एक बोतल और सिगरेट के पैकेट मिले हैं. सबसे अहम सुराग के तौर पर पुलिस को छात्र की जेब से दो पन्नों का एक सुसाइड नोट मिला है, जिसने सबको भावुक कर दिया है.

पिता के लिए लिखा भावुक खत

बिठूर थाना प्रभारी अशोक कुमार सरोज ने बताया कि शुरुआती जांच में पता चला है कि छात्र कई परीक्षाओं में असफल होने के कारण डिप्रेशन में था. सुसाइड नोट में उसने अपने पिता को संबोधित करते हुए लिखा है, ‘सॉरी पापा, मैं आपका सपना पूरा नहीं कर सका. मैं सिपाही नहीं बन पाया.’ फिलहाल, सुसाइड नोट की हैंडराइटिंग का मिलान कराया जा रहा है. परिजनों से पूछताछ और सुसाइड नोट के आधार पर पुलिस मामले की हर एंगल से जांच कर रही है.


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