बरेली में एसएसपी और डीएम का सशक्त समाधान मॉडल: समाधान दिवस में सुनी जन शिकायतें दिए दिशा निर्देश

बरेली। शनिवार को प्रशासनिक कार्यशैली में बदलाव का दावा तो कई करते हैं। मगर, एसएसपी अनुराग आर्य और डीएम रविन्द्र कुमार ने इसे हकीकत में बदलकर दिखा दिया है। शनिवार को तहसील आंवला में आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस में दोनों अधिकारियों की मौजूदगी ने साफ कर दिया कि जनता की समस्याएं अब सिर्फ फाइलों में नहीं घूमेंगी, बल्कि उन पर ठोस कार्यवाही भी होगी — तुरंत, प्रभावी और पारदर्शी ढंग से।

सम्पूर्ण समाधान दिवस को महज एक औपचारिकता मानने वाले अब शायद अपनी राय बदलने पर मजबूर हो जाएं। क्योंकि शनिवार को जो कुछ आंवला तहसील में हुआ। वह एक मजबूत और संवेदनशील प्रशासनिक ढांचे की मिसाल बन चुका है।

डीएम और एसएसपी ने स्वयं मौके पर उपस्थित होकर न केवल फरियादियों की बात सुनी। बल्कि तत्काल संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश देकर मौके पर ही समाधान की प्रक्रिया शुरू कर दी।
एसएसपी की कार्यशैली में अनुशासन, संवेदनशीलता और त्वरित निर्णय लेने की क्षमता झलकती है। सम्पूर्ण समाधान दिवस में उन्होंने विशेष रूप से भूमि विवादों पर गंभीरता दिखाई और स्पष्ट निर्देश दिए कि इस प्रकार के मामलों में पुलिस और राजस्व विभाग का समन्वय सर्वोपरि होना चाहिए।

उन्होंने अधीनस्थ अधिकारियों को कहा कि किसी भी कीमत पर किसी पीड़ित को थाने और तहसील के चक्कर न काटने पड़ें। भूमि विवाद, ग्रामीण क्षेत्रों में सबसे अधिक तनाव का कारण बनते हैं। एसएसपी ने न केवल इसे समझा, बल्कि इससे निपटने का सटीक मॉडल भी प्रस्तुत किया- पुलिस और राजस्व विभाग के बीच सीधा संवाद, समयबद्ध जांच और शिकायतकर्ता को हर स्तर पर अपडेट देना।

जिलाधिकारी का रुख भी बेहद स्पष्ट था- प्रत्येक फरियादी को न्याय मिलना चाहिए वह भी समय पर और पूरी पारदर्शिता के साथ। उन्होंने मौके पर मौजूद विभागीय अधिकारियों से प्रत्येक शिकायत पर न केवल रिपोर्ट मांगी। बल्कि यह भी सुनिश्चित किया कि समाधान सिर्फ कागजों में न रह जाए उसकी जमीनी हकीकत भी हो।

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