Stock Market Crash: मिडिल ईस्ट की जंग ने हिलाया दलाल स्ट्रीट, 10 मिनट में स्वाहा हुए ₹12 लाख करोड़; हाहाकार के ये हैं 5 बड़े कारण

नई दिल्ली। वैश्विक राजनीति में मचे घमासान और ईरान-इजरायल युद्ध की तपिश ने सोमवार को भारतीय शेयर बाजार को बुरी तरह झुलसा दिया। सप्ताह के पहले कारोबारी दिन शेयर बाजार की शुरुआत किसी डरावने सपने जैसी रही। जैसे ही बाजार खुला, निवेशकों के चेहरे पर मायूसी छा गई। सेंसेक्स और निफ्टी में ऐसी सुनामी आई कि महज 10 मिनट के भीतर निवेशकों की 12 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति मिट्टी में मिल गई।

बाजार में ऐतिहासिक गिरावट: सेंसेक्स और निफ्टी हुए धड़ाम

आज सुबह सेंसेक्स करीब 1,862 अंकों की भारी गिरावट के साथ 77,056 के स्तर पर खुला, जबकि निफ्टी 582 अंकों की कमजोरी के साथ 23,868 पर खुला। देखते ही देखते बिकवाली का दबाव इतना बढ़ा कि सेंसेक्स करीब 2400 अंक (3%) टूटकर 76,424.55 के निचले स्तर पर पहुंच गया। निफ्टी भी संभल नहीं पाया और 706 अंकों की भारी गिरावट के साथ 23,743.55 पर ट्रेड करता दिखा।

कच्चे तेल की कीमतों में 26% का जोरदार उछाल

बाजार में आई इस तबाही की सबसे बड़ी वजह पश्चिम एशिया (Middle East) में जारी भीषण युद्ध है। अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण कच्चे तेल की सप्लाई चेन चरमरा गई है। सोमवार को ब्रेंट क्रूड की कीमतों में करीब 26.31% की ऐतिहासिक तेजी देखी गई और यह $117.08 प्रति बैरल तक जा पहुंचा। इराक और कुवैत जैसे बड़े तेल उत्पादकों द्वारा उत्पादन घटाने और होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंता ने आग में घी डालने का काम किया है।

विदेशी निवेशकों (FII) की रिकॉर्ड बिकवाली

भारतीय बाजार से विदेशी निवेशकों का भरोसा डगमगाता दिख रहा है। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने पिछले सप्ताह करीब ₹21,831 करोड़ की शुद्ध बिकवाली की थी, जिसका असर आज की ट्रेडिंग पर साफ दिखा। बिकवाली के इस दबाव ने बाजार के सेंटिमेंट को पूरी तरह बिगाड़ दिया है।

डॉलर के मुकाबले रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर पर

भू-राजनीतिक तनाव का सीधा असर भारतीय मुद्रा पर भी पड़ा है। रुपया आज अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 46 पैसे की कमजोरी के साथ 92.20 पर खुला। जैसे-जैसे कारोबार आगे बढ़ा, यह गिरावट और गहरी होती गई और रुपया 92.49 प्रति डॉलर के स्तर तक लुढ़क गया, जो भारतीय मुद्रा के लिए एक चिंताजनक रिकॉर्ड है।

ग्लोबल मार्केट में कोहराम और ‘फियर गेज’ का बढ़ना

भारतीय बाजार अकेले नहीं गिरे, बल्कि पूरी दुनिया के बाजारों में हाहाकार मचा है। गिफ्ट निफ्टी (GIFT Nifty) में 2% से ज्यादा की गिरावट रही, जबकि एशियाई बाजारों में जापान का निक्केई 7% और दक्षिण कोरिया का कोस्पी 7.34% तक टूट गया। इस बीच इंडिया VIX (India VIX), जिसे बाजार का “फियर गेज” यानी डर मापने वाला पैमाना कहा जाता है, वह भी 21.99% उछलकर 24.25 के स्तर पर पहुंच गया। यह संकेत देता है कि आने वाले दिनों में बाजार में अस्थिरता और बढ़ सकती है।

डिस्क्लेमर: dainikbhaskarup.com किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.

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