तेहरान में ‘काली बारिश’ का कहर: इजरायली हमले से तेल डिपो फटे, जहरीले धुएं से सांस लेना मुश्किल

तेहरान/नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट (Middle East) में जारी भीषण जंग अब प्राकृतिक आपदा की शक्ल अख्तियार करती जा रही है। इजरायल द्वारा रविवार को ईरान के प्रमुख तेल ठिकानों पर किए गए ताबड़तोड़ हमलों ने तेहरान और आसपास के इलाकों में तबाही मचा दी है। इन हमलों के बाद तेल डिपो में लगी भीषण आग से पूरे शहर पर काले धुएं का ऐसा साम्राज्य कायम हुआ है कि दोपहर में भी अंधेरा छा गया है। सबसे खौफनाक बात यह है कि अब आसमान से धुएं के साथ तेल के जहरीले कण बारिश की तरह गिर रहे हैं, जिससे एक करोड़ की आबादी पर स्वास्थ्य का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।

तेहरान में आसमान हुआ काला, बरस रहे तेल के कण

इजरायली मिसाइलों ने तेहरान के पूर्वोत्तर इलाके में स्थित अघदासेह ऑइल डिपो और शाहरान ऑइल डिपो सहित चार प्रमुख केंद्रों को निशाना बनाया है। इन धमाकों के बाद उठे मीलों ऊंचे धुएं ने वायुमंडल को इतना प्रदूषित कर दिया है कि हवा में तेल के कण तैर रहे हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, सड़कों, इमारतों और खड़ी गाड़ियों पर काले तेल की मोटी परत जम गई है। रेड क्रेसेंट सोसायटी ने चेतावनी दी है कि यह ‘ऑइल रेन’ त्वचा की एलर्जी और सांस की गंभीर बीमारियों का कारण बन सकती है।

प्रशासन की चेतावनी: बिना मास्क बाहर निकलना जानलेवा

तेहरान के गवर्नर ने आपातकालीन स्थिति घोषित करते हुए नागरिकों को घरों के अंदर रहने की सख्त हिदायत दी है। प्रशासन ने कहा है कि हवा की गुणवत्ता ‘खतरनाक’ स्तर से भी नीचे जा चुकी है। बाहर निकलने पर एन-95 मास्क पहनना अनिवार्य कर दिया गया है। सरकारी मीडिया ‘FARS’ के मुताबिक, इन हमलों में तेल टैंकरों के चार चालकों की भी मौत हो गई है। अग्निशमन दल घंटों की मशक्कत के बाद भी आग पर काबू पाने में नाकाम रहे हैं, क्योंकि तेल के भंडारण की वजह से लपटें रुकने का नाम नहीं ले रही हैं।

इजरायल की सफाई: ‘ईरानी सेना की लाइफलाइन काटी’

इजरायली रक्षा बलों (IDF) ने इन हमलों की पुष्टि करते हुए इसे रणनीतिक कार्रवाई करार दिया है। इजरायल का दावा है कि इन डिपो का इस्तेमाल ईरानी सेना (IRGC) अपनी सैन्य गतिविधियों और रसद आपूर्ति के लिए कर रही थी। इजरायल ने साफ संदेश दिया है कि वह ईरान की ऊर्जा शक्ति को नष्ट करके उसकी युद्ध लड़ने की क्षमता को खत्म कर देगा।

लेबनान में भी मची तबाही, 394 की मौत

इजरायल की कार्रवाई केवल ईरान तक सीमित नहीं है। लेबनान में भी इजरायली वायुसेना ने भीषण बमबारी की है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक, इन हमलों में अब तक 394 लोगों की जान जा चुकी है, जिनमें 83 मासूम बच्चे भी शामिल हैं। नवंबर 2024 में हुए सीजफायर के बावजूद हिंसा का यह दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है, जिससे पूरे क्षेत्र में मानवता कराह रही है।

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