
गाजियाबाद। दिल्ली से सटे गाजियाबाद की भारत सिटी सोसाइटी में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां तीन नाबालिग बहनों ने 9वीं मंजिल से कूदकर अपनी जान दे दी। इस घटना ने एक बार फिर ऑनलाइन गेमिंग के खतरनाक जाल और उसके दुष्परिणामों को लेकर बहस छेड़ दी है। माना जा रहा है कि तीनों बहनें एक ‘टास्क-बेस्ड’ कोरियन ऑनलाइन गेम की आदी थीं और इसी के चलते उन्होंने यह खौफनाक कदम उठाया।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के मुताबिक, तीनों बहनें, जिनकी उम्र 16, 14 और 12 साल थी, ऑनलाइन गेमिंग में पूरी तरह से डूब चुकी थीं। बताया जा रहा है कि जब उनके माता-पिता ने उन्हें गेम खेलने से रोका, तो उन्होंने एक साथ आत्महत्या करने का फैसला कर लिया।पुलिस को सुसाइड मिला है, जिसमें कथित तौर पर लिखा है, “सॉरी मम्मी-पापा, हम कोरिया जा रहे हैं यह सीधे तौर पर उस कोरियन गेम की तरफ इशारा करता है, जिसे उनकी मौत का कारण माना जा रहा है।
पहले भी जान ले चुके हैं ऑनलाइन चैलेंज
यह कोई पहला मामला नहीं है, जब किसी ऑनलाइन गेम या चैलेंज ने किसी की जान ली हो। इससे पहले भी ‘ब्लू व्हेल’, ‘किकी चैलेंज’ और ‘मोमो चैलेंज’ जैसे खतरनाक ऑनलाइन ट्रेंड्स दुनियाभर में कई लोगों की मौत की वजह बन चुके हैं। ये सभी चैलेंज भी टास्क पर आधारित थे और खेलने वाले को मनोवैज्ञानिक रूप से मैनिपुलेट कर खतरनाक कदम उठाने के लिए मजबूर करते थे।
कैसे काम करते हैं ये जानलेवा गेम्स?
इस तरह के ऑनलाइन गेम्स को किसी ऐप स्टोर से डाउनलोड नहीं किया जा सकता। ये अक्सर सोशल मीडिया पर बंद ग्रुप्स या कम्युनिटीज के जरिए फैलाए जाते हैं। इनमें हिस्सा लेने वालों को मैसेज के जरिए टास्क दिए जाते हैं और उन्हें पूरा करने के लिए उकसाया जाता है। ये टास्क धीरे-धीरे इतने खतरनाक हो जाते हैं कि यूजर की जान पर बन आती है।
गाजियाबाद की यह घटना ऑनलाइन गेमिंग के खतरों को एक बार फिर से उजागर करती है। यह सरकार और समाज के लिए एक चेतावनी है कि वे अपने बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर कड़ी नजर रखें और उन्हें इस तरह के खतरनाक ट्रेंड्स से बचाने के लिए जागरूक करें।










