तड़पते पिता का रस्सी से गला घोंटा, आरी से मां को टुकड़ों में काट डाला… जौनपुर में बेटे ने क्यों खेला खूनी खेल?

जौनपुर । जफराबाद थानान्तर्गत दोहरे हत्याकांड मामलें में लगभग 48 घंटे बीत जाने पर भी पुलिस श्यामलाल व बबिता के शव के टुकड़ों को नहीं खोज पायी है। पांच सीमेंट की बोरी में माता-पिता के शव के टुकड़े को पुलिस 13 नावों और 15 गोताखोरों की मदद से पन्द्रह किलोमीटर के बेंलाव व केराकत क्षेत्र तक शव को खोजने में सफलता नहीं मिल पायी है। पुलिस अधीक्षक नगर आयुष श्रीवास्तव ने बताया कि गोताखोरों की मदद से एक बोरी में शव के टुकड़े मिले हैं, जो श्यामलाल के हैं और पांच बोरियों को खोजने का प्रयास किया जा रहा है। एस डी आर एफ से भी सम्पर्क किया जा रहा है।

–बेंलाव पुल के पास स्थित है पुलिस चौकी आरोपित अम्बेश ने अपने माता- पिता के शव के टुकड़ो को छह सीमेंट की बोरियां बेंलाव पुल से गोमती नदी में 09 दिसम्बर को सुबह 4 से 5 बजे के बीच फेंका था। बेंलाव घाट पुलिस चौकी बेंलाव पुल के पास स्थित है। पड़ोसी शान्ति ने बताया कि अम्बेश पढ़ा लिखा था। वह यहां बहुत कम रहता था । वह शांत स्वभाव का था। पड़ोसी अच्छेलाल ने बताया कि उनका परिवार बहुत ही अच्छा था। उनके खेत की जुताई बुवाई मैं ही करता हूं। अम्बेश भी शांत स्वभाव का लड़का है। इस घटना से मैं भी बहुत दुखी हूं।

–पुत्र ने की मां-बाप की हत्या

जौनपुर जिले के जफराबाद थाना क्षेत्र के अहमदपुर गांव निवासी अम्बेश कुमार उर्फ रिंकू (36) ने 8 दिसम्बर की रात सिलबट्टे से हमला कर अपनी मां बबिता (60) और पिता श्यामलाल (62) की हत्या कर दी थी। इसके बाद उसने माता-पिता के शरीर को आरी से तीन-तीन टुकड़ों में काटा। पुलिस की पूछताछ में आरोपी अम्बेश कुमार ने बताया कि अपनी ही आंखों के सामने मां बबिता को आरी से काटते हुए देख पिता श्यामलाल चीख रहे थे। इस पर पिता के गले को रस्सी से बांध दिया। इससे उनकी सांसें थम गई थीं। फिर शवों के टुकड़ों को प्लास्टिक की छह बोरियों में भर कर सई और गोमती नदी में अलग-अलग जगहों पर फेंक दिया।

–मुस्लिम महिला से किया था प्रेम विवाह

अम्बेश कुमार अपने परिवार का इकलौता बेटा है। बीटेक करने के बाद कोलकाता में रहकर नौकरी करता था। मुस्लिम महिला से प्रेम विवाह किया था। उसकी पत्नी कोलकाता में ब्यूटी पार्लर चलाती है। उसके दो बच्चे भी हैं। इनमें बेटी चार साल तो बेटा डेढ़ साल का है।

–माता पिता ननिहाल में मिली सम्पत्ति से भी बेदखल न कर दें

इसे लेकर कई बार विवाद भी हो चुका है। एएसपी सिटी आयुष श्रीवास्तव के मुताबिक परिवार के लोग अम्बेश पर तलाक लेने का दबाव बना रहे थे। इसी दबाव में आकर वह भी तलाक देने को तैयार हो गया, लेकिन परिवार के लोग उसे पत्नी की ओर से किए जा रहे डिमांड के रुपये नहीं देने को तैयार थे। मृत दम्पती मूल रूप से केराकत थानान्तर्गत टड़वा खर्गसेनपुर गांव के रहने वाले थे जो नवासे पर जफराबाद थाना क्षेत्र के अहमदपुर गांव अपने ससुराल में रहते थे। परिवार से जुड़े लोगों के मुताबिक शादी के बाद अम्बेश का व्यवहार मां बबिता, पिता श्याम बहादुर और परिवार के प्रति पूरी तरह से बदल गया। वह जब भी घर आता तो रुपये और प्रापर्टी को लेकर माता-पिता से अक्सर झगड़ता था।

क्षेत्राधिकारी नगर गोल्डी गुप्ता ने बताया कि पुलिस ने जफराबाद थाना में मुकदमा पंजीकृत कर आरोपित को गिरफ्तार कर विधिक कार्रवाई कर रही है।

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