
नई दिल्ली । उच्चतम न्यायालय ने फिल्म ‘घूसखोर पंडित’ के निर्माता को फटकार लगाई है। जस्टिस बीवी नागरत्ना की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि आप अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर किसी समुदाय को नीचा नहीं दिखा सकते हैं। सुनवाई के दौरान फिल्म के निर्माता ने कहा कि फिल्म का नाम बदला जाएगा। तब कोर्ट ने कहा कि इस संबंध में आप हलफनामा दाखिल कीजिए। मामले की अगली सुनवाई 19 फरवरी को होगी।
कोर्ट ने कहा कि जब समाज में पहले से इतनी अशांति है तो इस तरह के नाम माहौल को और खराब कर सकते हैं। कोर्ट ने कहा कि अभिव्यक्ति की आजादी का अधिकार अपने आप में कोई असीमित अधिकार नहीं है। उस पर भी वाजिब प्रतिबंध लागू होते हैं। आप उसकी आड़ में किसी समुदाय को यूं टारगेट नहीं कर सकते हैं।
याचिका अतुल मिश्रा ने दायर की थी। याचिका में कहा गया था कि इस फिल्म के जरिये एक समुदाय विशेष को टारगेट करने की कोशिश की जा रही है।
10 फरवरी को दिल्ली उच्च न्यायालय में भी सुनवाई के दौरान फिल्म के निर्माता ने कहा था कि वो इस फिल्म का नाम बदल रहे हैं।















