
पुणे: 28 जनवरी 2026… यह तारीख महाराष्ट्र की सियासत में एक काले दिन के तौर पर दर्ज हो गई. हेलिकॉप्टर क्रैश में प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और एनसीपी के कद्दावर नेता अजित पवार के निधन की खबर ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया. उनके गृहनगर बारामती में जब लाखों की भीड़ अपने प्रिय ‘दादा’ को अंतिम विदाई देने के लिए उमड़ी थी, तब किसी ने सोचा भी नहीं था कि इस गमगीन माहौल में भी इंसानियत शर्मसार हो जाएगी. मातम मना रहे लोगों के बीच चोरों के एक गिरोह ने ऐसा तांडव मचाया कि 8000 पुलिसकर्मियों की मौजूदगी के बावजूद लगभग 30 लाख रुपये की सोने की चेन पर हाथ साफ कर दिया.
राजकीय सम्मान के बीच चोरों का आतंक
अजित पवार का पार्थिव शरीर अंतिम दर्शन के लिए बारामती के विद्या प्रतिष्ठान मैदान में रखा गया था, जहां पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाना था. महाराष्ट्र के तमाम वीवीआईपी और लाखों की संख्या में आम लोग श्रद्धांजलि देने पहुंचे थे. शहर का हर कोना शोक में डूबा था, लेकिन चोरों ने इसी भीड़ और दुख का फायदा उठाया. उन्होंने मातम में डूबे लोगों को बड़ी सफाई से अपना निशाना बनाया और उनके गले से सोने की कीमती चेन पार कर दीं.
15 से ज्यादा लोगों के गले से चेन गायब
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, चोरों ने करीब 15 से ज्यादा लोगों को अपना शिकार बनाया. जब तक लोग कुछ समझ पाते, चोर अपना काम करके भीड़ में गायब हो चुके थे. चोरी हुए गहनों की कुल कीमत 30 लाख रुपये से भी ज्यादा बताई जा रही है. हालांकि, कुछ सतर्क लोगों ने कुछ संदिग्धों को रंगे हाथ पकड़ भी लिया और पुलिस के हवाले कर दिया.
सुरक्षा व्यवस्था पर खड़े हुए गंभीर सवाल
सबसे हैरानी की बात यह है कि अजित पवार के अंतिम संस्कार के लिए बारामती में लगभग 8,000 पुलिसकर्मियों की भारी-भरकम फौज तैनात की गई थी. इतनी कड़ी सुरक्षा के बावजूद, इतने बड़े पैमाने पर हुई चोरी की इस घटना ने पुलिस की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. इस मामले में पीड़ितों की शिकायत पर बारामती तालुका पुलिस स्टेशन में केस दर्ज किया गया है. पुलिस ने मोहम्मद यूनुस, राजकुमार आठवाले, एजाज मिरावाले, मोहम्मद सिराज, बालू भोटरे समेत सात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर गहन पूछताछ शुरू कर दी है.















