
R. Madhavan : बॉलीवुड की रोमांटिक ड्रामा फिल्म ‘रहना है तेरे दिल में’ (Rehna Hai Tere Dil Mein), जो साल 2001 में रिलीज हुई थी, अपनी रिलीज के समय भले ही बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप रही हो, लेकिन अब इसे कल्ट क्लासिक माना जा रहा है। इस फिल्म ने अपने विवादास्पद विषय के चलते न केवल दर्शकों का ध्यान खींचा, बल्कि एक नई बहस का भी कारण बना।
फिल्म में आर माधवन ने ऐसे व्यक्ति का किरदार निभाया है जो दीया मिर्जा का पीछा करते हैं। इस विषय को लेकर फिल्म ने काफी आलोचनाएँ झेली थीं, क्योंकि इसे समाज में पीछा करने जैसे व्यवहार को सकारात्मक तरीके से प्रस्तुत करने के लिए नकारात्मक रूप से देखा गया था। रिलीज होने के बाद भी, इसके गाने और कलाकारों के अभिनय ने फिल्म को एक अलग पहचान दी, जिसने इसे दीर्घकाल में बनाया कल्ट क्लासिक।
बाद में, इस फिल्म के गाने दर्शकों के बीच काफी लोकप्रिय हुए, और एक बार फिर से इस फिल्म की चर्चा शुरू हो गई है। अब, लगभग दो दशक बाद, ‘रहना है तेरे दिल में’ अपने चिंतनशील और प्रॉब्लेमेटिक विषय की वजह से फिर से बहस का विषय बन गई है।
समाज में बदलते नजरिए के साथ, कई लोग अब इस फिल्म के थिम को नए सिरे से देख रहे हैं, और यह सवाल उठा रहे हैं कि क्या वास्तविकता में इस प्रकार के व्यवहार को ग्लोरिफाई किया जाना सही है। फिल्म की ये खास बातें और इसका चारित्रिक ग्राफ अब फिर से नए दृष्टिकोण के साथ चर्चा का हिस्सा बन रहे हैं।
‘रहना है तेरे दिल में’ केवल एक फिल्म नहीं है, बल्कि यह आज की सामाजिक स्थिति और मानसिकता पर भी एक प्रश्नचिह्न खड़ा करती है। लेखक और निर्देशकों के लिए यह एक चेतावनी है कि कैसे कहानी को प्रस्तुत किया जाए और इसे समाज पर किस प्रकार के प्रभाव डालने की अनुमति दी जाए।