अहमदाबाद। गुजरात के अहमदाबाद स्थित नरेंद्र मोदी स्टेडियम में तिरंगा लहराने के साथ ही भारतीय क्रिकेट टीम ने इतिहास रच दिया है। रविवार को खेले गए फाइनल मुकाबले में न्यूजीलैंड को 96 रनों से करारी शिकस्त देकर भारत न केवल लगातार दूसरी बार विश्व चैंपियन बना, बल्कि तीन टी20 विश्व कप जीतने वाली दुनिया की पहली टीम भी बन गया। इस ऐतिहासिक जीत के बाद आईसीसी (ICC) ने चैंपियन टीम इंडिया पर जमकर पैसों की बारिश की है।
आईसीसी का ₹120 करोड़ का बजट: विजेता भारत को मिले ₹27.48 करोड़
आईसीसी ने इस पूरे टूर्नामेंट के लिए कुल 120 करोड़ रुपये का विशाल बजट आवंटित किया था। विश्व विजेता बनने पर भारतीय टीम को इनामी राशि के रूप में 3 मिलियन डॉलर मिले हैं, जो भारतीय मुद्रा में लगभग 27.48 करोड़ रुपये होते हैं।
वहीं, खिताबी मुकाबले में हार का सामना करने वाली उपविजेता न्यूजीलैंड की टीम भी खाली हाथ नहीं रही। कीवी टीम को 1.6 मिलियन डॉलर (लगभग 14.65 करोड़ रुपये) की राशि प्रदान की गई है।

सेमीफाइनल और सुपर-8 टीमों को भी मिला बड़ा हिस्सा
टूर्नामेंट के विभिन्न चरणों में बाहर होने वाली टीमों के लिए भी आईसीसी ने खजाना खोल दिया:
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सेमीफाइनलिस्ट (साउथ अफ्रीका और इंग्लैंड): इन दोनों टीमों में से प्रत्येक को 790,000 डॉलर (लगभग 7.24 करोड़ रुपये) मिले।
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सुपर-8 टीमें: सुपर-8 तक का सफर तय करने वाली प्रत्येक टीम को 380,000 डॉलर (लगभग 3.48 करोड़ रुपये) दिए गए।
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ग्रुप स्टेज टीमें: जो टीमें ग्रुप स्टेज से ही बाहर हो गईं, उनके लिए भी 250,000 डॉलर (लगभग 2.29 करोड़ रुपये) की राशि सुनिश्चित की गई थी।
फाइनल का लेखा-जोखा: संजू और अभिषेक के तूफान में उड़ी कीवी टीम
मैच की बात करें तो भारतीय बल्लेबाजों ने मैदान पर चौकों-छक्कों की झड़ी लगा दी थी। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 5 विकेट पर 255 रनों का पहाड़ जैसा स्कोर खड़ा किया।
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संजू सैमसन: 46 गेंदों पर 8 छक्के और 5 चौकों की मदद से धमाकेदार 89 रन।
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अभिषेक शर्मा: मात्र 21 गेंदों पर 3 छक्के और 6 चौकों के साथ 52 रन।
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ईशान किशन: 25 गेंदों पर 54 रन की तेजतर्रार पारी।
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शिवम दुबे: अंत में 8 गेंदों पर 26 रन बनाकर फिनिशिंग टच दिया।
256 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी न्यूजीलैंड की टीम भारतीय गेंदबाजों के आगे बेबस नजर आई और 19 ओवरों में महज 159 रनों पर सिमट गई। कीवी टीम की ओर से टिम साइफर्ट (52) और मिचेल सेंटनर (43) ने संघर्ष किया, लेकिन वे हार का अंतर कम करने के अलावा कुछ खास नहीं कर सके।















