
नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने नौवें बजट में देश के सामने भविष्य की आर्थिक तस्वीर पेश की। बजट में जहां एक ओर आम आदमी को राहत देने की कोशिश की गई है, वहीं दूसरी तरफ टैक्स चोरी करने वालों पर नकेल कसने का भी पूरा इंतजाम किया गया है। वित्त वर्ष 2026-27 के लिए राजकोषीय घाटे का अनुमान जीडीपी का 4.3 प्रतिशत रखा गया है, जो मौजूदा वित्त वर्ष के 4.8 प्रतिशत से कम है।
महंगाई से मिलेगी राहत, ये चीजें होंगी सस्ती
वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में कई ऐसी घोषणाएं कीं जिनसे आम आदमी के चेहरे पर मुस्कान आ सकती है। जूते, कपड़े और बैटरी सस्ती होने से आम लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। इसके अलावा, सरकार ने कैंसर से जुड़ी 17 दवाओं को भी सस्ता करने का ऐलान किया है, और 7 दुर्लभ बीमारियों की दवाओं पर से भी बोझ कम किया है। दवाओं और चिकित्सीय उपकरणों पर सीमा शुल्क घटाने के फैसले से स्वास्थ्य सेवाओं पर होने वाले खर्च में कमी आने की उम्मीद है।
CNG और बायोगैस भी सस्ती, वाहन मालिकों को फायदा
सरकार ने पर्यावरण के अनुकूल ईंधन को बढ़ावा देते हुए सीएनजी और बायोगैस को भी सस्ता करने की घोषणा की है। इस कदम से न केवल पर्यावरण को लाभ होगा, बल्कि सीएनजी से चलने वाले वाहन मालिकों की जेब पर भी बोझ कम होगा।
टैक्स में गड़बड़ी पर अब जेल नहीं, लगेगा जुर्माना
इनकम टैक्स रिटर्न में गड़बड़ी करने वालों को सरकार ने बड़ी राहत दी है। अब ऐसे मामलों में सजा का प्रावधान खत्म कर दिया गया है और इसकी जगह जुर्माने का प्रावधान किया गया है। अपनी आय छिपाने वालों से 30 प्रतिशत का कर तो वसूला जाएगा, लेकिन उन्हें जेल या सजा नहीं होगी।
विदेशियों को भी मिली राहत, डेटा सेंटरों को टैक्स में छूट
वित्त मंत्री सीतारमण ने विदेशी नागरिकों को भी राहत देते हुए घोषणा की कि भारत में पांच साल तक रहने वाले विदेशी नागरिकों को उनकी गैर-भारत आय पर कर से छूट मिलेगी। इसके साथ ही, भारत में डेटा सेंटरों का उपयोग करने वाली विदेशी क्लाउड कंपनियों को 2047 तक टैक्स अवकाश दिया जाएगा।
छोटे करदाताओं के लिए स्वचालित प्रक्रिया
छोटे करदाताओं के लिए अब टीडीएस कटौती प्रमाणपत्र लेना आसान हो जाएगा। सरकार ने एक नियम आधारित स्वचालित प्रक्रिया शुरू करने का ऐलान किया है, जिससे बिना असेसिंग अधिकारी के पास आवेदन किए ही कम या शून्य टीडीएस कटौती प्रमाणपत्र प्राप्त किया जा सकेगा।
NRI के लिए बदला TDS का नियम
सरकार ने संपत्ति बेचने वाले अनिवासी भारतीयों (NRI) पर लगने वाले टीडीएस के नियमों में भी बदलाव किया है। अब कटौती की जिम्मेदारी निवासी खरीदार की होगी और इसके लिए टैक्स अकाउंट नंबर की भी आवश्यकता नहीं होगी।















