
भास्कर समाचार सेवा
हस्तिनापुर। केंद्रीय चिकित्सा मंत्री मनसुख मांडवीया ने ऐतिहासिक नगरी का भ्रमण किया, जहां पहुंचकर उन्होंने जैन धर्म के पावन तीर्थ स्थलों पर पूजा अर्चना की और ज्ञानमती माता से आशीर्वाद लिया। कहां, हस्तिनापुर एक धर्म नगरी है, यहां तीर्थंकरों की भी पावन जन्मस्थली है, इसलिए इस ऐतिहासिक नगरी में मौजूद धर्म संतों के सामने राज सत्ता बहुत निम्न हैं। रविवार को केंद्रीय चिकित्सा मंत्री मनसुख मांडवीया मेरठ लोकसभा सीट के सांसद राजेंद्र अग्रवाल और जिला अध्यक्ष विमल शर्मा के साथ ऐतिहासिक नगरी में पहुंचे, जहां पहुंचकर उन्होंने सबसे पहले प्राचीन दिगंबर जैन बड़ा मंदिर में तीर्थंकरों के दर्शन कर विधि विधान से पूजा अर्चना की, जहां पर प्रबंधक मुकेश कुमार जैन ने मंत्री और अन्य नेताओं का स्वागत किया। उसके बाद केंद्रीय चिकित्सा मंत्री जंबूद्वीप स्थल पर पहुंचे, उन्होंने जंबूद्वीप रचना के दर्शन किए और उसके बाद जैन धर्म की पावन प्रेरिका व जैन धर्म की सर्वोच्च गणनी प्रमुख ज्ञानमती माता से मुलाकात की और उनसे आशीर्वाद लिया। माता को श्रीफल भेंट किया। उसके बाद माता से कई मुद्दों पर विचार विमर्श किए।
हस्तिनापुर की महत्ता बताई
ज्ञानमती माताजी ने केंद्रीय मंत्री से हस्तिनापुर की महत्ता बताई और कहा कि दुनिया में यह वही स्थान है जहां पर एक नहीं अनेकों इतिहास जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि आप शरीर को स्वस्थ करते हैं और हम आत्मा को स्वस्थ करते हैं। उसके बाद केंद्रीय चिकित्सा मंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि हस्तिनापुर एक धार्मिक नगरी है, यहां पर बड़े-बड़े संत महात्मा मौजूद हैं। इसलिए धर्म सत्ता के सामने राजसत्ता बहुत निम्न है। उन्होंने जैन धर्म के तीर्थंकर की जन्मभूमि हस्तिनापुर के बारे में कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर ज्ञानमती माता से बातचीत की।
हस्तिनापुर को प्रधानमंत्री का इंतज़ार
रविंद्र कीर्ति स्वामी ने हस्तिनापुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगमन के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री से अपील की और कहा कि एक बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ऐतिहासिक नगरी में आगमन होना चाहिए, जिससे यहां विकास को गति मिलेगी। जंबूद्वीप के प्रबंधक विजय कुमार जैन ने हस्तिनापुर की ऐतिहासिकता के बारे में बताते हुए जंबूद्वीप की रचना के बारे में बताया।












