माघ मेले में अनोखी तपस्या: हठयोगी शंकर पुरी लगातार खड़े रहकर कर रहे साधना…देखें VIDEO

  प्रयागराज: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में विश्व प्रसिद्ध माघ मेला 2026 का शुभारंभ हो चुका है। ऐतिहासिक माघ मेला इस वर्ष 44 दिनों तक चलेगा, जिसकी शुरुआत 3 जनवरी से हुई है। संगम तट पर जहां लाखों श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगाकर पुण्य अर्जित कर रहे हैं, वहीं संतों के शिविरों में कठिन साधना और तपस्या के अनूठे दृश्य भी देखने को मिल रहे हैं। इन्हीं में एक नाम है हठयोगी शंकर पुरी का, जो लोक कल्याण की कामना के साथ लगातार खड़े रहकर तपस्या कर रहे हैं। उनकी यह कठोर साधना श्रद्धालुओं के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। खड़े-खड़े पूरी होती है दिनचर्या हठयोगी शंकर पुरी न तो बैठते हैं और न ही लेटते हैं। सोना, भोजन करना और दैनिक क्रियाएं—सब कुछ वे खड़े होकर ही करते हैं। संतुलन बनाए रखने के लिए वे एक झूले या रस्सी का सहारा लेते हैं, जिस पर केवल हाथ टिकाते हैं। अपनी साधना के बारे में शंकर पुरी का कहना है कि वे इससे पहले भी कुंभ मेले में शामिल हो चुके हैं और मानवता के कल्याण के लिए इस तरह की तपस्या करते हैं। उनके अनुसार, इस साधना से उन्हें मानसिक शांति प्राप्त होती है। माघ मेला क्षेत्र में भव्य इंतजाम माघ मेले के शुभारंभ के साथ ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु मेला क्षेत्र में पहुंच रहे हैं। इस बार माघ मेले में एक नई पहल की गई है। पहली बार हर सेक्टर में श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए अलग-अलग स्वागत द्वार बनाए गए हैं। इससे पहले ऐसे स्वागत द्वार केवल कुंभ या महाकुंभ मेले में ही देखने को मिलते थे। पीले और केसरिया रंग से सजे इन स्वागत द्वारों पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीरें भी लगाई गई हैं, जो मेले की भव्यता को और बढ़ा रही हैं।

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