
कानपुर। उत्तर प्रदेश के कानपुर में एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank) के भीतर हाई-वोल्टेज ड्रामे और जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल का मामला अब गरमाता जा रहा है। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद चौतरफा घिरी महिला बैंक कर्मचारी आस्था सिंह ने अब अपना पक्ष रखते हुए पलटवार किया है। उन्होंने एक वीडियो जारी कर बताया कि वायरल वीडियो अधूरा है और उन्हें उकसाया गया था। आस्था ने यह भी खुलासा किया कि जिस व्यक्ति के साथ उनकी बहस हुई, वह बैंक का कोई ग्राहक (Customer) नहीं था।
ग्राहक नहीं, सहकर्मी का पति था वो शख्स
आस्था सिंह ने वायरल वीडियो की सच्चाई बताते हुए कहा कि पिछले 24-36 घंटों से जो वीडियो चर्चा में है, वह पूरी कहानी नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह घटना 6 जनवरी की है। जिस व्यक्ति से उनकी बहस हुई, वह बैंक की ही एक महिला कर्मचारी का पति था। आस्था के मुताबिक, उस महिला कर्मचारी ने उसी दिन इस्तीफा दिया था और वह तुरंत रिलीविंग चाहती थी। इसी बात को लेकर विवाद शुरू हुआ जो देखते ही देखते गाली-गलौज तक पहुंच गया।
बहस से शुरू हुआ विवाद, मिली रेप की धमकियां
महिला कर्मचारी ने आपबीती सुनाते हुए बताया कि इस्तीफा देने वाली महिला की ननद सुबह से बैंक में बैठी थी, जिससे पहले थोड़ी कहासुनी हुई। इसके बाद शाम करीब 4:30 बजे महिला का पति बैंक में दाखिल हुआ और अभद्रता करने लगा। आस्था का आरोप है कि उस शख्स ने उनकी जाति पूछी और ‘गर्मी निकाल देने’ जैसी धमकी दी। आस्था ने स्वीकार किया कि गुस्से में उनसे गलत शब्द निकले, लेकिन उनका इरादा किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था। चौंकाने वाली बात यह है कि वीडियो वायरल होने के बाद अब आस्था को दुष्कर्म (Rape) जैसी धमकियां मिल रही हैं।
बैंक वाला वीडियो का क्या सच्चाई है सुनिए
— Aman Singh (@77_com7) February 9, 2026
हाँ में अभी भी अपने स्टेटमेंट पर कायम हूँ मुझे अपने ठाकुर होने पर गर्व है#SupportAsthaSingh pic.twitter.com/G8Z1iXbN9D
‘मैं ठाकुर हूं’ वाले बयान पर अब भी कायम
वीडियो में आस्था सिंह को चिल्लाते हुए ‘मैं ठाकुर हूं’ कहते सुना गया था। अपने स्पष्टीकरण वाले वीडियो में उन्होंने इस पर झुकने से इनकार कर दिया। आस्था ने कहा कि उन्हें अपनी जाति पर गर्व है और वह इस बयान को वापस नहीं लेंगी। हालांकि, उन्होंने यह जरूर माना कि पब्लिक सर्विस में रहते हुए शब्दों का चयन बेहतर होना चाहिए था। उन्होंने इस पूरे प्रकरण को उनकी छवि खराब करने की साजिश करार दिया है।
कानूनी कार्रवाई की तैयारी और सुरक्षा पर सवाल
आस्था सिंह ने अब इस मामले में कानूनी रास्ता अपनाने का मन बना लिया है। उनका कहना है कि जनवरी की घटना को अब वायरल करना उनकी प्रतिष्ठा को धूमिल करने का प्रयास है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर सोशल मीडिया पर मिल रही धमकियों के बीच उनके साथ कोई अनहोनी होती है, तो इसका जिम्मेदार कौन होगा? फिलहाल, कानपुर पुलिस और बैंक प्रबंधन भी इस मामले पर नजर बनाए हुए है।












