सियासत के रंग में रंगे गांव, जमकर हो रही बहस

अरे बिरादरी तौ देखै क परिहै…

गांवों में हो रही चुनावी चर्चा की झलकियां

महोली-सीतापुर। इस बार महोली विधान सभा में सियासत का खुमार लोगों के सिर चढ़कर बोल रहा है। खासकर, गांवों में जगह जगह चौपाल लगी हुई हैं। जिनमें सारी चर्चाये बंद हैं, सिर्फ सियासत की चर्चा हो रही है। यहीं नही कस्बे में भी सिर्फ सियासत पर बहस छिड़ी हुई है। इलाके के करौंदिया गांव के ग्रामीण ने इशारे इशारे में कहा अरे बिरादरी तौ देखैक परिहै। महाशय का मतलब स्पष्ट है, इस बार वह मतदान बिरादरी को लेकर करने वाले हैं। इसी चर्चा में शामिल दूसरे शख्स ने जवाब देते हुए कहा हम तौ देश के नाम पर वोट देईब। चर्चा आगे बढ़ी तीसरे ने कहा हमारा वोट विकास के नाम पर जहिये। जो गांव का विकास करिहै हम वोट वहिका देईब। चौथे ने कहा इस बार हमई लगति है यहि बार कांटे की टक्कर हुहिये। महोली गए रहन, बीजेपी व सपा महिया लड़ाई दिखाई देत है। इसी तरह जब बड़ागांव पहुंचे वहां की तस्वीर कुछ अलग थी। वहां भी जगह-जगह लोगों के जमघट लगे हुए थे और लोग चुनावी चर्चा में मशगूल थे।

वाक्या बड़ागांव में चौराहे के पास का है। वहां कुछ लोग खड़े होकर बहस कर रहे थे। उनमें एक ने कहा काका कहिकी हवा चल रही है। हमई लगति हई यहि बार फिर बीजेपी सीट निकाल लई जाई। तो दूसरे ने कहा कईसे तो उसने कहा यहि बार खूब राशन बंटो हई। कोरोना माहिया कामकाजु सब ठप्प रहहि। अगर राशन न मिलतो तौ, घरमा खानक लाले पडि़ जाते। हम तौ योगिक वोट देईब। इसी बीच तीसरे ने कहा, बाकी सबकुछ ठीक रहई, यहि बार महंगाई कमर तोडि़ दिहिसि। हमई लगति हई बदलाव होई क चहीं। अबकी किसी दुसरी पार्टी क मौका देईक चहीं। चौथा बोला, बीजेपी तऊ ठीक हई। पर पांच सालम विधायक गांव म झाँकई नाई आये। हां योगी मोदी तौ ठीक हई। इसी बीच पांचवें ने कहा हमई तऊ सपा ठीक लगति हई। बड़ागांव कहिया ब्लॉक बनाओ जाई रहो रहई, लेकिन विधायक नाई बनई दिहिन। हम सपा क वोट देईब। सपा सरकार महिया महोली तहसील बनी रहई। अबकी बदलाव होहि क चहीं। इस प्रकार गांव-गांव में सभी पार्टियों को लेकर जनता समीक्षा कर रही है।

कौन सी पार्टी गांव के लिए बेहतर है और किस पार्टी का प्रत्याशी दमदार है। इसके बाद कई गांवों का जायजा लिया गया। लेकिन गांवों में इसी तरह की चुनावी चर्चाएं दिख रही है। लोग प्रत्याशी व पार्टी को लेकर छानबीन करने में जुटे हैं।  बहरहाल, गांवों से मिल रही समीक्षा के आधार पर ये तो तय हैं, इस बार भाजपा व सपा के बीच जोरदार मुकाबला देखने को मिलेगा। दोनों के बीच कांटे की टक्कर है। पिछली बार की तरह इस बार भी काफी नजदीकी अंतर से हारजीत होने वाली है। किसी भी पार्टी के लिए जीत की राह इतना आसान नही है।

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