
कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने वक्फ संशोधन अधिनियम के खिलाफ मुस्लिम मौलवियों के साथ एक बैठक में कहा कि यह मुद्दा व्यक्तिगत नहीं है, बल्कि इससे सभी समुदायों पर असर पड़ेगा। उन्होंने भारतीय राष्ट्रीय विकासात्मक समावेशी गठबंधन (I.N.D.I.A.) से अपील की कि सभी एकजुट होकर इस कानून के खिलाफ साहसिकता से लड़ें।
बैठक में सख्त शब्दों में ममता ने कहा, “आज यह आपके खिलाफ हो रहा है, कल यह किसी और के खिलाफ हो सकता है।” उन्होंने भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर मुसलमानों के खिलाफ होने का आरोप लगाया। ममता ने सवाल उठाया कि मोदी सरकार कैसे एक तरफ मुसलमानों के खिलाफ बोलती है जबकि विभिन्न देशों में उनसे मिलती है।
वक्फ संशोधन अधिनियम, 2025 की पारित होने के बाद विपक्ष ने इसे लेकर कड़ी आपत्ति की है। ममता ने बताया कि इस कानून के तहत कई प्रावधान चिंताजनक हैं, जिसमें वक्फ बाय यूजर और संपत्तियों पर सरकारी भूमि के दावे की बात शामिल है।
उच्चतम न्यायालय ने इस कानून के बारे में चिंता व्यक्त की है और इसके कुछ प्रमुख प्रावधानों पर रोक लगाने के लिए अंतरिम आदेश देने पर विचार कर रहा है। अदालत ने हाल ही में पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में हुई हिंसा पर भी चिंता जताई, और कहा कि यह मुद्दा न्यायालय के समक्ष है।
ममता बनर्जी ने कहा कि इस मामले में एकजुटता न केवल मुसलमानों के लिए, बल्कि सभी समुदायों के लिए महत्वपूर्ण है और उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से इस मुद्दे पर एक साथ आने की अपील की है।