लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने राज्य की महिलाओं और बाल विकास विभाग को बड़ी मजबूती देते हुए भारी नियुक्तियों का रास्ता साफ कर दिया है। सोमवार को राजधानी के लोक भवन में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घोषणा की कि उत्तर प्रदेश में इस साल 5,000 से अधिक आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और 60,000 से अधिक सहायिकाओं की भर्ती का लक्ष्य रखा गया है। सीएम ने स्पष्ट किया कि चयन की यह प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और नियुक्तियां पूरी तरह से पारदर्शिता और योग्यता के आधार पर की जाएंगी।
आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को मिला ‘सुरक्षा कवच’ और डिजिटल पावर
मुख्यमंत्री ने बाल विकास के क्षेत्र में जमीनी स्तर पर काम करने वाली इन ‘अग्रिम पंक्ति की योद्धाओं’ के लिए सामाजिक सुरक्षा को और मजबूत करने के कदम उठाए हैं। अब राज्य की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के दायरे में लाया गया है। इसके अलावा, आयुष्मान भारत योजना के तहत 3 लाख से अधिक कर्मियों को प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा कवर भी प्रदान किया जा रहा है।
सीएम योगी ने यह भी घोषणा की कि अब राज्य की सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को स्मार्टफोन वितरित किए जाएंगे। पहले स्मार्टफोन की कमी के कारण रियल-टाइम डेटा कलेक्शन में दिक्कत आती थी, जिससे यूपी की रैंकिंग प्रभावित होती थी, लेकिन अब हाई-टेक उपकरणों से कुपोषण के खिलाफ जंग डिजिटल तरीके से लड़ी जाएगी।
पिछली सरकारों पर प्रहार: “शराब माफिया के कब्जे में था बच्चों का पोषण”
पूर्ववर्ती सरकारों पर तीखा हमला बोलते हुए मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि 2017 से पहले पोषण पूरकों (पुष्टाहार) का वितरण शराब माफिया के नियंत्रण में था। उन्होंने कहा कि कुपोषित बच्चों और माताओं के लिए निर्धारित लाभों का पहले बड़े पैमाने पर गबन होता था। वर्तमान सरकार ने इस भ्रष्ट व्यवस्था को उखाड़ फेंका है और अब तकनीक के माध्यम से सीधा लाभ लाभार्थियों तक पहुंचाया जा रहा है।
नई शिक्षा नीति और 313 करोड़ की परियोजनाओं की सौगात
नीतिगत बदलावों पर चर्चा करते हुए सीएम ने कहा कि अब आंगनबाड़ी केंद्र राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के कार्यान्वयन में मुख्य भूमिका निभाएंगे। 3 से 5 वर्ष की आयु के बच्चों के लिए पूर्व-प्राथमिक (Pre-Primary) कक्षाएं इन्हीं केंद्रों में चलेंगी। साथ ही, प्राथमिक शिक्षा विभाग के अधीन चल रहे 27,000 केंद्रों को अब आंगनबाड़ी नेटवर्क में शामिल किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने इस दौरान 313 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन किया, जिसमें 137 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले नए आंगनबाड़ी केंद्र और बाल विकास परियोजना कार्यालय शामिल हैं।
“आप हैं यशोदा मैया”: पीएम मोदी के संदेश को दोहराया
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के महत्व को रेखांकित करते हुए सीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें ‘यशोदा मैया’ की संज्ञा दी है। उन्होंने कोविड काल में आशा, एएनएम और आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों द्वारा दी गई सेवाओं की सराहना करते हुए कहा कि नवजात शिशुओं का पोषण और मातृ स्वास्थ्य सुरक्षित करना ही देश के उज्ज्वल भविष्य की नींव है।











