तुम्हीं मेरे मंदिर तुम्हीं मेरी पूजा तुम ही देवता हो : कवयित्री वीणा गोयल

भास्कर समाचार सेवा
पिलखुवा।
भूले बिसरे फिल्मी नगमों भरा ऑन लाइन गुगल मीट पर अखिल भारतीय कवि सम्मेलन हमारा प्यारा भारत साहित्य संस्थान के पटल पर आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सुशील पाठक मुख्य अतिथि के रूप में रहे। वही
विशिष्ठ अतिथि के रूप में कवि अशोक गोयल ने अपनी रचना को कुछ ऐसे प्रस्तुत किया मुस्कान मेरी लब पर खिला क्यों नहीं देते, झूठी ही सही आस जगा क्यों नहीं देते। वरिष्ठ कवयित्री वीणा गोयल ने पढ़ा तुम्हीं मेरे मंदिर तुम्हीं मेरी पूजा तुम ही देवता हो तुम ही देवता हो। आमंत्रित कवियों में छगन लाल मुथा, कवि त्रिलोक चंद फतेहपुरी, अभिषेक मिश्रा, अविनाश खरे, सुभाष कुशवाहा, कविता सिंह श्रुति, रमा बहेड़, मीनू शर्मा, डॉ0 ऋचा शर्मा, प्रो डॉ0 शरद नारायण खरे, अनन्त राम चौबेजी, कवि संजय जैन, दिलीप शर्मा दीप रहे।

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