सावधान : राजधानी समेत कई जिलों में जीका का कहर, डेंगू और चिकनगुनिया भी हावी

सांकेतिक तस्वीर (फाइल फोटो: पीटीआई)

भोपाल,. | राजधानी भोपाल समेत प्रदेश के कई जिलों में जीका वायरस के मरीजों की बढ़ती संख्या ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। भोपाल में जहां दो वहीं सीहोर में एक मरीज जीका वायरस से ग्रसित पाया गया है। ऐसे में सतर्क हुए प्रशासन ने जीका वायरस पर नियंत्रण के लिए बड़े स्तर पर तैयारी शुरू कर दी है।
गौरतलब है कि भोपाल में पहले भी 100 से ज्यादा संदिग्ध मरीज मिल चुके हैं| विदिशा में भी मामले सामने आए हैं। तीनों जिलों में जीका वायरस पॉजिटिव मरीजों की संख्या अब 130 हो गई है। इसके साथ ही डेंगू और चिकनगुनिया के नए मरीज भी सामने आ रहे हैं।

ऐसे होगी निगरानी

जीका, डेंगू और चिकनगुनिया के मरीज लगातार मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने एहतियात बरतते हुए ऐसे क्षेत्रों को चिह्नित किया है जिनमें लगातार ऐसे मामले सामने आ रहे हैं। अब इन क्षेत्रों में ज्योग्राफीकल इन्फॉर्मेशन सिस्टम (जीआईएस) के माध्यम से नजर रखे जाने की तैयारी की जा रही है। इससे वहां बीमारी फैलने के कारणों और गतिविधियों का पता लगाया जा सकेगा। ताकि जल्द से जल्द रोकथाम के उपाय शुरू किए जा सकें।

ब्लड बैंकों को सतर्क रहने के निर्देश

जीका के कहर को रोकने के लिए राज्य सरकारों ने सभी ब्लड बैंकों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। डोनर से ब्लड लेने से पहले यह देखा जाए कि उसकी ट्रैवल हिस्ट्री क्या है। एडवाइजरी में कहा गया है कि ब्लड बैंकों को जीका वायरस के फैलाव के मद्देनजर डोनर के चयन में सावधानी बरती जाए। यदि डोनर जीका वायरस से प्रभावित क्षेत्र से आया है तो चार सप्ताह तक उसका ब्लड न लिया जाए।

स्वास्थ्य विभाग का सर्वे जारी

राजधानी समेत विदिशा और सीहोर में सामने आए जीका वायरस पॉजीटिव मरीजों की संख्या देख परेशान हुए स्वास्थ्य विभाग ने रोकथाम के प्रयास शुरू कर दिए थे। इसके तहत लार्वा सर्वे तथा मच्छरों को नष्ट करने के लिए शहर में 165 टीमें लगा दी थीं। ये टीमें प्रतिदिन पांच से छह घरों में सर्वे कर रही हैं। टीमों को हर रोज मच्छरों का लार्वा भी मिल रहा है। हर रोज लार्वा की जांच कर उसे नष्ट किया जा रहा है। स्थिति यह है कि कई घरों में दोबारा सर्वे करने पर भी मच्छरों का लार्वा मिला है।

डेंगू का खतरा 400 मीटर तक

स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक डेंगू का खतरा 400 मीटर के क्षेत्र तक है। दरअसल जिन घरों में डेंगू का लार्वा मिल रहा है, उन घरों के आसपास समेत 400 मीटर के क्षेत्र में इसका खतरा रहता है। इसका कारण है डेंगू का मच्छर 400 मीटर से उड़ सकता है। इस साल में अब तक 757 मामले डेंगू के आए, वहीं पिछले दो महीनों में इनकी संख्या में इजाफा ही दर्ज किया गया है। इससे स्पष्ट है कि अब तक डेंगू का खतरा कम नहीं हुआ है। 

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