अलविदा जुमे पर यूपी में हाई अलर्ट : दूसरे दिन की पूछताछ के दौरान तीनों शूटर्स बार-बार दोहराते रहे ये बात…

माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की 15 अप्रैल की रात प्रयागराज में पुलिस कस्टडी में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हत्या के बाद 21 अप्रैल को पहला जुमा है। उसके अगले दिन ईद भी है। इसीलिए अलविदा जुमे की नमाज के दिन बवाल और हिंसा का खुफिया इनपुट मिलने के बाद UP में पुलिस महकमा अलर्ट है।

शहर से लेकर गांव तक सभी संवेदनशील क्षेत्रों में बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई है। प्रयागराज की बात करें, तो यहां सतर्कता ज्यादा बरती जा रही है। पूरे मामले पर खुद CM योगी नजर बनाए हुए हैं।

उधर, दूसरे दिन की पूछताछ के दौरान तीनों शूटर्स बार-बार नाम और पैसा कमाने की बाद दोहराते रहे। शुक्रवार को पूछताछ का तीसरा दिन है। बताया जा रहा है कि आज तीनों शूटर्स को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की जाएगी।

29 हजार 439 मस्जिदों और 3865 ईदगाहों में नमाज
यूपी में अलविदा की नमाज आज है। कल यानी 22 अप्रैल को ईद है। इसको लेकर प्रदेश को 849 जोन और 2460 सेक्टर में बांट कर पुलिस और केंद्रीय बलों की तैनाती की गई है। ईद पर प्रदेश भर में 29 हजार 439 मस्जिदों और 3865 ईदगाहों में नमाज होगी। कोई सुरक्षा में चूक न हो, इसके लिए ड्रोन और CCTV कैमरों से नजर रखी जाएगी।

कॉल्विन हॉस्पिटल में किया गया हत्या का सीन रिक्रिएट

गुरुवार को प्रयागराज के कॉल्विन हॉस्पिटल में SIT ने माफिया अतीक अहमद और अशरफ की हत्या का सीन रिक्रिएट किया था। यहां दो युवकों को अतीक और अशरफ बनाकर लाया गया। उन्हें जिस तरह मीडियाकर्मी बनकर आए शूटर्स ने गोली मारी थी, ठीक वैसा ही सीन दोहराया गया। इसके बाद अतीक और अशरफ बने युवक जमीन पर गिर गए और जमीन पर तड़पने लगे। सीन रिक्रिएट करने से वारदात के हालात समझने में मदद मिलेगी।

SIT की टीम के साथ ज्यूडिशियल कमीशन (न्यायिक आयोग) के सदस्य भी थे। हॉस्पिटल पहुंची SIT और न्यायिक आयोग के सदस्यों ने घटनास्थल को जांचा-परखा। डॉक्टरों से बात की। अस्पताल के अंदर का भी हाल देखा। पुलिस कमिश्नर से घटना के बारे में जानकारी ली।

8 घंटे की पूछताछ में दी कई जानकारी

आरोपियों की रिमांड मिलने के बाद पुलिस लगातार पूछताछ कर रही है। गुरुवार को पूछताछ का दूसरा था। इस दौरान लवलेश तिवारी ने खुद को कट्टर हिंदूवादी और परशुराम का वंशज बताया। तीनों माफिया अतीक अहमद को मारकर पैसा और नाम कमाने की बात दोहराते रहे।

शूटर सनी सिंह ने बताया कि उसका कोई आका नहीं, वह खुद एक डॉन है। अरुण ने कबूला कि पानीपत के एक दोस्त ने असलहा दिया था। पुलिस ने अरुण मौर्य से पूछा जीगाना जैसे खतरनाक और कीमती पिस्टल किस दोस्त ने दी?

इस सवाल का जवाब देते हुए अरुण ने कहा कि मैं नहीं जानता था कि यह इतनी कीमती पिस्टल है, मैं तो इसे अच्छा असलहा भर समझ रहा था, जिससे कोई बचेगा नहीं। वहीं, सनी सिंह ने पूछताछ के दौरान सुंदर भाटी से संपर्क को कबूला है।

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