भारत-पाकिस्तान सीमा के जरिए देश भर में आतंकी हमलों की बड़ी साजिश रचने के मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने शिकंजा कस दिया है। एजेंसी ने शुक्रवार को मोहाली स्थित विशेष NIA अदालत में दो मुख्य आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी। NIA की जांच में खुलासा हुआ है कि पाकिस्तान में बैठे आकाओं और हैंडलरों के जरिए भारत में IED, विदेशी हथियार और हेरोइन मंगाकर पंजाब तथा दिल्ली में शृंखलाबद्ध बड़े आतंकी हमले की साजिश रची गई थी।
शुभम और फरार जसवीर चौधरी पर UAPA सहित कई संगीन धाराएं, पैसेंजर ट्रेन उड़ाने का था प्लान
NIA द्वारा दाखिल की गई चार्जशीट में गिरफ्तार आरोपी शुभम कुमार और फिलहाल फरार चल रहे जसवीर चौधरी का नाम दर्ज है। दोनों के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA), भारतीय न्याय संहिता (BNS), विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, आर्म्स एक्ट, एनडीपीएस (NDPS) एक्ट और रेलवे एक्ट की धाराओं के तहत मुकदमे दर्ज किए गए हैं। जांच एजेंसी के चौंकाने वाले खुलासे के मुताबिक, शुभम कुमार को टाइमर से लैस एक जिंदा IED को चलती यात्री ट्रेन में लगाने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी, ताकि बड़े पैमाने पर तबाही मचाकर निर्दोष लोगों की जान ली जा सके।
फरवरी 2026 में अमृतसर से हुआ था पर्दाफाश, मार्च में NIA ने संभाली थी कमान
इस पूरे गिरोह का भंडाफोड़ फरवरी 2026 में अमृतसर के स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल (SSOC) ने किया था, जब शुभम कुमार को पहली बार गिरफ्तार किया गया था। उसकी गिरफ्तारी के दौरान मौके से एक एक्टिव टाइमर IED, रिमोट कंट्रोल, विदेशी मेक की .30 बोर पिस्टल, मैगजीन, 20 जिंदा कारतूस, हेरोइन और मोबाइल फोन बरामद किए गए थे। साजिश के व्यापक तार और अंतरराष्ट्रीय साजिश की आशंका को देखते हुए मार्च 2026 में एनआईए ने इस केस की जांच अपने हाथों में ली थी।
पंजाब से दिल्ली तक फैला था नेटवर्क, डिजिटल साक्ष्यों से बेनकाब हुई साजिश
जांच के दौरान एकत्र किए गए डिजिटल सबूतों, फोरेंसिक दस्तावेजों और तकनीकी साक्ष्यों से पुष्टि हुई है कि पाकिस्तान का एक प्रमुख हैंडलर अपने भारतीय गुर्गों का इस्तेमाल कर सीमा पार से ड्रोन तथा गुप्त रास्तों के जरिए नशीले पदार्थ और हथियार भारत भेज रहा था। इस साजिश का मकसद सिर्फ पंजाब तक सीमित नहीं था, बल्कि दिल्ली समेत देश के प्रमुख इलाकों को दहलाने की तैयारी थी।
NIA की तफ्तीश जारी: सीमा पार हैंडलरों और पूरे स्मगलिंग नेटवर्क की तलाश
एनआईए ने निर्धारित समयावधि के भीतर अदालत के समक्ष सभी साक्ष्यों के साथ चार्जशीट पेश कर दी है। हालांकि, एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि मामले की जांच अभी खत्म नहीं हुई है। पाकिस्तान में छिपे मुख्य हैंडलरों और उनके बाकी भारतीय साथियों को चिन्हित कर दबोचने के प्रयास तेज कर दिए गए हैं। इसके साथ ही, भारत-पाक सीमा पर हथियार और ड्रग्स सप्लाई के लिए इस्तेमाल किए गए पूरे रूट, लोकल सपोर्टर्स और फंडिंग नेटवर्क की कड़ियों को भी खंगाला जा रहा है।













